Mayawati on Alliance with BJP. Image Source- IBC24 Archive
लखनऊः Mayawati on Alliance with BJP : साल 2027 में उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनाव की तैयारी में बहुजन समाज पार्टी ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी है। इस बीच पार्टी के एक्स हैडंल पर पोस्ट सुप्रीमो मायावती के एक बयान ने प्रदेश का सियासी पारा हाई कर दिया है। उन्होंने कहा है कि मैं मुस्लिम समाज को साफ-साफ बता देना चाहती हूँ कि मैं राजनीति से संन्यास ले सकती हूँ, लेकिन भाजपा से मिलकर चुनाव कभी नहीं लड़ूँगी। उन्होंने कहा कि इस बार उत्तर प्रदेश में बीएसपी अकेले ही चुनाव लड़ेगी किसी भी पार्टी के साथ किसी भी प्रकार का कोई गठबंधन नहीं।
“मैं मुस्लिम समाज को साफ-साफ बता देना चाहती हूँ कि मैं राजनीति से सन्यास ले सकती हूँ, लेकिन भाजपा से मिलकर चुनाव कभी नहीं लड़ूँगी।”
~ आदरणीय बहन मायावती जी#बसपा #BSP #india #जयभीम
— BSP (@Bsp4u) February 23, 2026
इससे पहले रविवार को मायावती ने पार्टी की अखिल भारतीय बैठक में संगठन को मजबूत बनाने व सर्वसमाज में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि वे ‘‘गुलाम मानसिकता’’ वाले ‘‘बिकाऊ लोगों’’ से सावधान रहें। उन्होंने कहा,‘‘बहुजन समाज के उत्थान के बजाय, अपने थोड़े से स्वार्थ के लिए कार्य करने वाले गुलाम मानसिकता व बिकाऊ लोगों से सावधान रहें। ऐसे लोग बसपा के कारण ही आगे बढ़े। वे जब बसपा के नहीं हुये तो वे समाज के सच्चे हितैषी कैसे हो सकते हैं? ऐसे लोगों तथा उन्हें शरण देने वाली पार्टियों से भी अति सावधानी जरूरी है।’’ माना जा रहा है कि मायावती का यह परोक्ष निशाना कभी सबसे करीबी सहयोगी रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी पर था जो हाल में ही समाजवादी पार्टी में शामिल हुए हैं।
Mayawati on Alliance with BJP मायावती ने बैठक में विरोधी पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा कि इन पार्टियों की सरकारों की गरीब, किसान और बहुजन विरोधी, संकीर्ण, शोषणकारी और द्वेष पूर्ण नीतियों और भ्रष्ट क्रियाकलापों तथा कथनी एवं करनी में अंतर के कारण वे अपनी विश्वसनीयता तेजी से खो रहे हैं, लिहाजा बसपा से जनता की उम्मीदें बढ़ गई हैं। बसपा प्रमुख ने कहा कि पार्टी जैसे-जैसे और जहां-जहां मजबूत होती जाएगी, विरोधियों के षडयंत्र भी लगातार बढ़ते जाएंगे, जिसका डट कर सामना करते हुये कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ते रहना है और अपने पैरों पर खड़ा होने के लिये सत्ता की ‘मास्टर चाबी’ प्राप्त करने का लक्ष्य प्राप्त करना है। मायावती ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर देश में उभरी चिन्ताओं का जिक्र करते हुए कहा कि कई देशों द्वारा अपने आपको ‘फर्स्ट’ बनाने हेतु जो गला काट प्रतिस्पर्धा जारी है उसने शोषणकारी विश्व व्यवस्था को और गहरे संकट में डाल दिया है।