डोंगरगढ़ के युवा का भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में वैज्ञानिक के पद पर चयन, महज 21 वर्ष की उम्र में यह उपलब्धि

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डोंगरगढ़ के युवा का भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में वैज्ञानिक के पद पर चयन, महज 21 वर्ष की उम्र में यह उपलब्धि

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  • Publish Date - March 11, 2019 / 08:24 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:25 PM IST

डोंगरगढ़। बम्लेश्वरी मंदिर के लिए प्रसिद्ध डोंगरगढ़ में इन दिनों ख़ुशी की लहर है। इसके पीछे की वजह शहर के 21 वर्षीय योगेश देवांगन हैं, जो चयनित हुए हैं, मुम्बई के भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में वैज्ञानिक के रुप में। योगेश डोंगरगढ़ के पहले ऐसे युवा हैं जो वैज्ञानिक बने हैं।
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अपनी प्रारंभिक शिक्षा डोंगरगढ़ से करने के बाद योगेश ने एनआईटी रायपुर से इलेक्ट्रॉनिक में बीई किया और सिर्फ अपने मन में एक ही बात ठाने रहे कि गांव के हर व्यक्ति का सपना पूरा करना है। इसके बाद योगेश की कड़ी मेहनत रंग लाई और अब वे डोंगरगढ़ के पहले वैज्ञानिक बन गए हैं।

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ज्ञात हो कि भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र भारत सरकार के परमाणु उर्जा विभाग के अन्तर्गत नाभिकीय विज्ञान एवं अभियांत्रिकी एवं अन्य संबन्धित क्षेत्रों का बहु-विषयी नाभिकीय अनुसंधान केन्द्र है। यहां पहला परमाणु कार्यक्रम प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ होमी जहांगीर भाभा के नेतृत्व में शुरू किया गया था।