बैलगाड़ी, बैंड बाजा और बारात, खोती संस्कृति को बचाने की कोशिश, शादी बनी यादगार.. देखें वीडियो

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बैलगाड़ी, बैंड बाजा और बारात, खोती संस्कृति को बचाने की कोशिश, शादी बनी यादगार.. देखें वीडियो

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  • Publish Date - February 23, 2019 / 02:41 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:44 PM IST

मंदसौर। बैलगाड़ी बैंड बाजा और बारात । दरअसल यह बैल गाड़ियों के सहारे अनोखे तरीके से जा रही बारात की तस्वीरें मन्दसौर के गरोठ इलाके के गांव कोटडा बुजुर्ग की है जहां गांव के सरपंच बाबूलाल पाटीदार के परिवार मैं दूल्हे सचिन के विवाह का मौका था ।

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दूल्हे और परिवार के लोग चाहते थे कि विवाह में ग्रामीण परिवेश की संस्कृति को शामिल किया जाए । लिहाजा करीब आठ बैलगाड़ीयो का इंतजाम किया गया इसके बाद गांव से दूल्हे सहित सभी परिजन बैलगाड़ी पर सवार होकर अपने गांव से आठ किलोमीटर दूर ग्राम बोलियां मैं दुल्हन के घर बारात लेकर पहुंचे । अपने जमाने के रंग में सजी इस बारात को देख लोगो पुराना जमाना याद आ गया ।

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दरअसल दूल्हा सचिन पाटीदार चाहता था कि उसकी शादी यादगार बने । दूल्हे का यह भी कहना है कि विज्ञान और मशीनरी की इस दुनिया में हम अपनी पुरानी संस्कृति खोते जा रहे हैं इसीलिए उनके मन में खुद की शादी के बहाने कुछ अलग करने का आइडिया आया ताकि इन खूबसूरत पलों को यादगार बनाया जा सके और नई पीढ़ी को यह दिखाया जा सके कि हमारी पुरानी पीढ़ियों के लोग और संस्कृति किस तरह की थी ।