यास्मीन सिंह की धमकी का कांग्रेस प्रवक्ता ने किया स्वागत, कहा-शिकायत तमाम दस्तावेजों और सबूतों के आधार पर
यास्मीन सिंह की धमकी का कांग्रेस प्रवक्ता ने किया स्वागत, कहा-शिकायत तमाम दस्तावेजों और सबूतों के आधार पर
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं प्रदेश सचिव विकास तिवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के पूर्व मुख्य सचिव अमन सिंह की धर्मपत्नी यास्मीन सिंह के द्वारा सोशल मीडिया और अखबारों में दिये गये खंडन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि एक महिला होने के नाते यास्मीन सिंह का हमेशा स्वागत और सम्मान रहेगा लेकिन किसी भी तरह के गलत कामों पर जिससे छत्तीसगढ़ के लाखों बेरोजगार आहत होते हो उस पर लगातार प्रतिवाद भी करते रहेंगे।
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इस दौरान विकास तिवारी ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार यास्मीन सिंह का सम्मान नहीं करती तो प्रारंभिक जांच का आदेश नहीं देती। यास्मीन सिंह को इस बात के लिए प्रदेश की भूपेश सरकार का आभारी होना चाहिये कि सरकार एक महिला के खिलाफ जांच के लिए एक महिला अधिकारी की तैनाती की है और तो और जांच का आदेश जारी करने वाली अधिकारी भी एक महिला ही है।
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इस दौरान यास्मीन सिंह द्वारा कही जा रही बातों पर विकास तिवारी ने कहा है कि मैं यास्मीन सिंह से पूछना चाहूंगा कि क्या कांग्रेस पार्टी और उनके सदस्यों को रमन सरकार के समय में हुवे किसी भी तरह की अनियमितताओं कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत करने का अधिकार नहीं है? क्या सारे अधिकार भारतीय जनता पार्टी के पास ही सुरक्षित हैं ? बता दें कि सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाई के बाद यास्मीन सिंह ने कहा था कि उनके और उनके परिवार वालों को राजनीतिक विद्वेष के तहत टारगेट किया जा रहा है। इस पर प्रवक्ता विकास तिवारी ने पूछा है कि यास्मीन सिंह और उनके पति स्पष्ट करें कि वह किस राजनीतिक दल से सबद्ध थे।
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प्रवक्ता विकास तिवारी ने यह भी सवाल उठाया कि यदि यास्मीन सिंह और उनके पति छत्तीसगढ़ के हितों का ध्यान रखते तो छत्तीसगढ़ को छोड़कर नहीं जाते प्रदेश में जब भूपेश सरकार बनी तो सरकार ने कहीं भी यह आदेश जारी नहीं किया कि प्रदेश के बाहर से आये हुये लोग नौकरी छोड़ कर भागे या इस्तीफा देकर भागे जो भ्रष्टाचार में लिप्त थे और रमन सरकार के साथ मिलकर गलत कामों को अंजाम देते थे।यास्मीन सिंह अपनी नियुक्ति का ठीकरा राज्य सरकार के अधिकारियों पर फोड़ा है उनके बयान में यह स्पष्ट है कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के अधिकारियों ने उन्हें नियुक्त किया था यही तो देखने लायक बात है किन-किन अधिकारियों ने आप की नियुक्ति की थी? किस आधार पर नियुक्ति दी गई थी ? किस योग्यता और क्षमता को ध्यान में रखा गया था ? आप कब कब कहां कहां पदस्थ रही ? कितने समय कार्यालय में दिया ? और कितना नृत्य कला को समय दिया। विभिन्न सरकारी और सार्वजनिक समारोह में आपको कुल मिलाकर कितना भुगतान किया गया था ? समारोह में जाने के लिए आपने किन विभाग प्रमुख से अनुमति ली थी ? और वेतन जो कि 35 हजार था बढ़कर एक लाख कैसे हो गया ?
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प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि जहां तक मुकदमे का सवाल है तो वह उसका स्वागत करते है यह शिकायत तमाम तरह के दस्तावेजों और सबूतों के आधार पर ही की गई है अगर सरकार आपसे राजनीतिक विद्वेष रखती तो आप और आपके पति का संपत्ति का जांच का प्रमाण भी जारी कर देती फिलहाल मामला आपके असंवैधानिक ढंग से किए गये नियुक्ति का है और यास्मीन सिंह से आग्रह है कि वह दिल्ली छोड़कर छत्तीसगढ़ में रहे और पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ जांच का सामना करें मैं आपके द्वारा किसी भी प्रकार के मुकदमे की धमकी से भयभीत नहीं हूँ।


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