ईयरफोन के ज्यादा इस्तेमाल से बहरेपन का शिकार हो रहे युवा

ईयरफोन के ज्यादा इस्तेमाल से बहरेपन का शिकार हो रहे युवा

ईयरफोन के ज्यादा इस्तेमाल से बहरेपन का शिकार हो रहे युवा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:16 pm IST
Published Date: July 26, 2017 10:18 am IST

 

ईयरफोन का ज्यादा इस्तेमाल अब खतरनाक हो गया है। ऐसे युवाओं की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है, जो ईयरफोन की वजह से बहरेपन का शिकार हो रहे हैं। अकेले ग्वालियर के ज़िला अस्पताल में 15 से बीस फीसदी मरीज़ कम सुनने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।

कानों में लटकता ईयरफोन 15 से 25 साल के युवाओं के कानों को नुकसान पहुंचा रहा है। ग्वालियर के मुरार ज़िला अस्पताल की नाक, कान, गला रोग विभाग की ओपीडी में महीने में क़रीब 15 से 20 प्रतिशत मरीज कम सुनने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। 

चिकित्सकों की मानें तो लंबे समय तक ईयरफोन के इस्तेमाल से धीरे-धीरे सुनने की क्षमता ख़त्म हो सकती है। हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारी का भी ख़तरा बढ़ जाता है। कम उम्र में इसका असर कम होता है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ ऐसी बीमारियां सामने आने लगती हैं। 

ईयरफोन का ज्यादा उपयोग कान के बाहरी भाग को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ अंदरूनी हेयरसेल्स को भी तकलीफ पहुंचाता है। लगातार ईयरफोन लगाकर गाना सुनने से युवा एकोस्टिक न्यूरोमा बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। 

ग्वालियर का स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों में एक काउंसलिंग सेंटर खोलने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जिसमें ऐसी बीमारियों को लेकर युवाओं को जागरूक किया जाएगा, जिन्हें वे अनदेखा कर देते हैं। 


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