झीरम घाटी कांड की जांच के लिए नियुक्त आयोग ने आज से दो अगस्त तक सुनवाई की तिथि तय की है। आयोग द्वारा गवाही के लिए जारी सूची में एडीजी व एंटी करप्शन ब्यूरो के प्रमुख मुकेश गुप्ता के प्रतिपरीक्षण के लिए दो दिन है। लिहाजा उनके प्रतिपरीक्षण के लिए 31 जुलाई व एक अगस्त की तिथि तय की गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा सहित दो दर्जन से अधिक कांग्रेसी नेता व कार्यकर्ताओं को नक्सलियों ने झीरम घाटी में मौत के घाट उतार दिया था। घटना परिवर्तन यात्रा के दौरान हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य शासन ने एनआईए से जांच की घोषणा के साथ ही हाईकोर्ट के जस्टिस प्रशांत मिश्रा की एक सदस्यीय आयोग का गठन करते हुए जांच का निर्देश दिया था। शासन द्वारा गठित जांच आयोग ने अपनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
इसी के तहत आयोग में सुनवाई की प्रक्रिया चल रही है। 10 से 14 जुलाई के तक लगातार सुनवाई की गई थी। 13 व 14 जुलाई को एडीजी गुप्ता का वकीलों ने प्रतिपरीक्षण किया था। प्रतिपरीक्षण पूरा न होने के कारण आयोग ने 31 जुलाई से 2 अगस्त तक सुनवाई की तिथि पूर्व में ही तय कर दी थी। दो दिनों तक उनके द्वारा आयोग के समक्ष दिए गए बयान का वकीलों द्वारा प्रतिपरीक्षण किया जाएगा। दो अगस्त को कांग्रेस नेता स्वर्गीय महेंद्र कर्मा के पुत्र दीपक कर्मा के आवेदन पर आयोग में सुनवाई होगी। दीपक कर्मा ने झीरम घाटी कांड से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर बतौर गवाह अपनी बात रखने के लिए आयोग के समक्ष आवेदन पेश किया है।