Dhoot Transmission IPO: निवेशकों के लिए बड़ी खबर! 2258 करोड़ रुपये का इश्यू लेकर कंपनी ने बढ़ाया कदम, SEBI में ड्राफ्ट जमा होते ही बढ़ी हलचल
Dhoot Transmission IPO: धूत ट्रांसमिशन वायरिंग हार्नेस के डिजाइन, निर्माण और सप्लाई का काम करती है। यह खास तौर पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए जरूरी पार्ट्स बनाती है। कंपनी का दावा है कि वह भारत के इस सेगमेंट में टॉप 2 कंपनियों में शामिल है और मजबूत बाजार हिस्सेदारी रखती है।
(Dhoot Transmission IPO/ Image Credit: AI-generated)
- धूत ट्रांसमिशन ने IPO के लिए SEBI में ड्राफ्ट जमा किया
- 1,400 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करने की योजना
- बेन कैपिटल सहित बड़े निवेशक OFS में हिस्सा बेचेंगे
नई दिल्ली: Dhoot Transmission IPO: ऑटो कंपोनेट सेक्टर की कंपनी धूत ट्रांसमिशन ने अपना IPO लाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। कंपनी ने बाजार नियामक सेबी के पास अपडेटेड ट्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) जमा किया है। इस आईपीओ के जरिए कंपनी कुल 1,400 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करने की योजना बना रही है। इसके साथ ही मौजूदा शेयरधारक ऑफर फॉर सेल के जरिए 1.63 करोड़ शेयर बेचेगी।
बड़ी निवेश कंपनी भी शामिल (Major Investment Firm Also Involved)
इस इश्यू में अमेरिका की बड़ी निवेश कंपनी बेन कैपिटल की हिस्सेदारी भी शामिल है। बेन कैपिटल अपनी सहयोगी कंपनी BC Asia Investments XV Ltd के जरिए करीब 1.32 करोड़ शेयर बेचेगी। इसके अलावा मंगलम कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड भी लगभग 31.18 लाख शेयरों की बिक्री करेगी। इससे पहले कंपनी ने लगभग 2,258 करोड़ रुपये के IPO के लिए कॉन्फिडेंशियल ड्राफ्ट दाखिल किया था और उसे मई में सेबी की मंजूरी भी मिल चुकी है।
कंपनी का बिजनेस (Company Business)
धूत ट्रांसमिशन वायरिंग हार्नेस के डिजाइन, निर्माण और सप्लाई का कार्य करती है। ये सिस्टम दोपहिया और तिपहिया वाहनों में इस्तेमाल होने वाले जरूरी इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स को जोड़ने का काम करते हैं। कंपनी का दावा है कि वह इस क्षेत्र में भारत की टॉप 2 कंपनियों में शामिल है। इसके प्रमुख ग्राहकों में बजाज ऑटो, टीवीएस मोटर, होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया और रॉयल एनफील्ड जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं।
IPO से मिले पैसों का इस्तेमाल (Utilization of Funds Raised from IPO)
IPO से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल कंपनी कई उद्देश्यों के लिए करेगी। करीब 493.9 करोड़ रुपये कर्ज चुकाने में लगाए जाएंगे। 272.58 करोड़ रुपये सहायक कंपनियों के कर्ज कम करने के लिए दिए जाएंगे। इसके अलावा 150 करोड़ रुपये नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित करने में खर्च किए जाएंगे। बाकी राशि का उपयोग अधिग्रहण और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।
कंपनी की वित्तीय स्थिति (Company Financial Position)
पिछले कुछ वर्षों में कंपनी के रेवेन्यू और मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी का रेवेन्यू 2,125.86 करोड़ रुपये था जो वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर 3,444.86 करोड़ रुपये हो गया। इसी अवधि में शुद्ध मुनाफा भी 163.91 करोड़ रुपये से बढ़कर 353.89 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के शेयर BSE और NSE पर लिस्ट किए जाएंगे और इसके लिए कई बड़े बुक रनिंग लीड मैनेजर काम कर रहे हैं।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।
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