(Meesho Share Price/ Image Credit: instagram)
नई दिल्ली: Meesho Share Price ई-कॉमर्स कंपनी मीशो के शेयरों में सोमवार 2 फरवरी को लगातार दूसरे दिन तेज गिरावट देखी गई। कंपनी के शेयर 5% टूटकर लोअर सर्किट पर पहुंच गए। यह गिरावट तिमाही नतीजों के बाद हुई, जिसमें कंपनी का शुद्ध घाटा सालाना आधार पर 13 गुना बढ़कर 490.7 करोड़ रुपये हो गया। निवेशकों की चिंता इसी कारण बढ़ गई।
मीशो ने दिसंबर तिमाही में रीवेन्यू में 32% की वृद्धि दिखाई और यह 3,517.6 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह 2,673.6 करोड़ रुपये था। हालांकि कंपनी का शुद्ध घाटा और खर्चों में तेज वृद्धि ने मार्जिन पर दबाव डाला। तिमाही में कुल खर्च 44% बढ़कर 4,071.3 करोड़ रुपये हो गया, खास तौर पर विज्ञापन और बिक्री प्रोत्साहन पर खर्च बढ़ा।
नेट मर्चेंडाइज वैल्यू के अनुपात में विज्ञापन और बिक्री प्रोत्साहन का खर्च लगभग दोगुना होकर 2.4% तक पहुंच गया। इससे कंपनी के लाभ मार्जिन पर दबाव बढ़ा। मीशो के मैनेजमेंट का कहना है कि यह अस्थायी है और अगले दो तिमाहियों में एडजस्टेड कोर अर्निंग्स मार्जिन में सुधार की उम्मीद है। लॉजिस्टिक्स लागत की रिकवरी और टेक्नोलॉजी निवेश इसके मुख्य कारण हैं।
| पैरामीटर | मान |
| आज का मूल्य | ₹157.18 |
| आज का बदलाव | −₹8.27 (−5.00%) |
| ओपन | ₹157.18 |
| उच्चतम (High) | ₹157.18 |
| न्यूनतम (Low) | ₹157.18 |
| मार्केट कैप (Mkt Cap) | ₹70.96K Cr |
| P/E अनुपात | – |
| 52-सप्ताह उच्च (52-wk High) | ₹254.40 |
| 52-सप्ताह न्यूनतम (52-wk Low) | ₹153.89 |
| डिविडेंड यील्ड | – |
| त्रैमासिक डिविडेंड राशि (Qtrly Div Amt) | – |
मॉर्गन स्टेनली ने मीशो शेयर का टारगेट प्राइस 169 रुपये से बढ़ाकर 174 रुपये किया, लेकिन कंट्रीब्यूशन मार्जिन कमजोर रहने की बात कही। वहीं, जेएम फाइनेंशियल ने ‘रिड्यूस’ रेटिंग बरकरार रखी और 160 रुपये का टारगेट प्राइस दिया। ब्रोकरेज ने कहा कि ग्रोथ अच्छी रही, लेकिन मार्जिन पर दबाव और अधिक बढ़ा और मुनाफे को लेकर अभी भी स्पष्टता कम है।
साल 2026 की शुरुआत से अब तक मीशो का शेयर लगभग 13% टूट चुका है। लिस्टिंग के बाद 10 दिसंबर 2025 से अब तक इसमें लगभग 3.3% की गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों के लिए यह संकेत है कि ग्रोथ के बावजूद घाटा और खर्चों में तेजी के कारण सतर्कता बनाए रखना जरूरी है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।