(NSE IPO GMP Today/ Image Credit: AI-generated)
नई दिल्ली: NSE IPO GMP Today: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बहुप्रतीक्षित आईपीओ (NSE IPO GMP Today) को निवेशकों से अब तक मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली है। दूसरे दिन तक इश्यू कुल 43% यानी 0.43 गुना सब्सक्राइब हुआ। कर्मचारियों की कैटेगरी में सबसे ज्यादा उत्साह दिखा और यह हिस्सा 98% तक भर गया। कर्मचारियों को प्रति शेयर 170 रुपये की छूट भी मिल रही है। गैर-संस्थागत निवेशकों यानी NII की कैटेगरी 72% और रिटेल निवेशकों की कैटेगरी 44% सब्सक्राइब हुई। वहीं QIB कैटेगरी में अब तक 19% बोली मिली है।
NSE IPO में कुल 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले करीब 3.83 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी हैं। इस आईपीओ (NSE IPO GMP Today) का प्राइस बैंड 1,700 से 1,785 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। एक लॉट में 8 शेयर हैं, इसलिए ऊपरी प्राइस बैंड पर रिटेल निवेशक को एक लॉट के लिए 14,280 रुपये लगाने होंगे। कंपनी ने इश्यू साइज घटाकर 12.64 करोड़ शेयर कर दिया है, जबकि पहले यह 14.89 करोड़ शेयर था। यह पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल यानी OFS है।
ग्रे मार्केट में NSE IPO का GMP करीब 142 रुपये बताया जा रहा है। अगर ऊपरी प्राइस बैंड 1,785 रुपये में इसे जोड़ा जाए तो अनुमानित कीमत करीब 1,927 रुपये बनती है। इस आधार पर करीब 7.96% के संभावित लिस्टिंग गेन का अनुमान लगाया जा रहा है। लेकिन GMP अनौपचारिक बाजार का संकेत है और इसमें लगातार बदलाव हो सकता है।
NSE IPO में निवेश के लिए इश्यू 21 सितंबर तक खुला रहेगा। शेयर (NSE IPO GMP Today) अलॉटमेंट 22 सितंबर को होने की उम्मीद है। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिलेंगे, उनके लिए 23 सितंबर को रिफंड की प्रक्रिया होने की बात कही गई है। इसी दिन सफल आवेदकों के डीमैट खातों में शेयर क्रेडिट होने की उम्मीद है। शेयरों की लिस्टिंग 24 सितंबर को BSE पर प्रस्तावित है। निवेशकों के लिए इन तारीखों पर नजर रखना जरूरी होगा।
SBI Securities की रिपोर्ट में NSE की मजबूत बाजार स्थिति और टेक्नोलॉजी को सकारात्मक पहलू बताया गया है। वहीं Religare Broking ने वैल्यूएशन को लेकर सावधानी की बात कही है। उसके अनुसार 42.9 गुना FY26 P/E पर भविष्य की कमाई में निराशा की गुंजाइश सीमित हो सकती है। Nirmal Bang और Geojit ने कंपनी के नेटवर्क और बिजनेस मॉडल को मजबूत बताया है।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।