Ola Electric Share Price: ओला इलेक्ट्रिक शेयर बना गिरावट का ‘किंग’, नया ऑल-टाइम लो छूते ही निवेशकों के उड़ गए होश, एक साल में 55% साफ!

Ola Electric Share Price: शुक्रवार 20 फरवरी को ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शेयरों में गिरावट जारी रही। स्टॉक 2% से ज्यादा फिसलकर 26.84 रुपये के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान यह करीब 26.94 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। बीते एक साल में शेयर लगभग 55% गिर चुका है। (NSE: OLAELEC, BSE: 544225)

Ola Electric Share Price: ओला इलेक्ट्रिक शेयर बना गिरावट का ‘किंग’, नया ऑल-टाइम लो छूते ही निवेशकों के उड़ गए होश, एक साल में 55% साफ!

(Ola Electric Share Price/ Image Credit: IBC24 News)

Modified Date: February 20, 2026 / 04:09 pm IST
Published Date: February 20, 2026 4:06 pm IST
HIGHLIGHTS
  • शेयर 26.84 रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर
  • एक साल में 55% की भारी गिरावट
  • स्टोर नेटवर्क 4,000 से घटाकर 550 करने की योजना

नई दिल्ली: Ola Electric Share Price आज 20 फरवरी को ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शेयर में भी गिरावट देखने को मिली है। कंपनी का स्टॉक 2.4% गिरकर 26.84 रुपये के नए ऑल-टाइम लो लेवल पर पहुंच गया। सुबह करीब 9:42 बजे यह लगभग 26.94 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। पिछले एक साल में शेयर करीब 55% टूट चुका है, जबकि इसी दौरान सेंसेक्स लगभग 9% चढ़ा है। केवल पिछले एक महीने में ही शेयर में करीब 16% की गिरावट आ चुकी है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।

गिरावट की ये है बड़ी वजह (Share Price Falls)

गिरावट की बड़ी वजह कंपनी की रिटेल रणनीति में बदलाव मानी जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ओला इलेक्ट्रिक मार्च तक अपने फिजिकल स्टोर्स की संख्या घटाकर करीब 550 करने की तैयारी में है। पहले कंपनी ने आक्रामक विस्तार करते हुए लगभग 4,000 लोकेशन्स तक नेटवर्क बढ़ाया था। हालांकि हालिया अपडेट में बताया गया कि एक्टिव स्टोर्स पहले ही घटाकर करीब 700 कर दिए गए हैं। यह कदम मांग में सुस्ती और घटती बाजार हिस्सेदारी को देखते हुए उठाया जा रहा है।

बिजनेस मॉडल में बदलाव (Business Model)

कंपनी इस समय अपने कारोबार को फिर से व्यवस्थित करने की प्रक्रिया में है। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की मांग में कमी और सर्विस क्वालिटी को बेहतर बनाने की जरूरत के चलते लागत और ऑपरेटिंग मॉडल में बदलाव किए जा रहे हैं। कुछ आउटलेट बंद किए गए हैं और कुछ जगह कर्मचारियों की छंटनी भी हुई है। कंपनी अब तेज विस्तार के बजाय लंबी अवधि की स्थिरता और मुनाफे पर ध्यान देने की रणनीति अपना रही है।

तिमाही नतीजों में कमजोरी (Quarterly Results)

दिसंबर तिमाही में कंपनी को 487 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ। हालांकि यह पिछले साल के 564 करोड़ रुपये के घाटे से कम है, लेकिन राजस्व में भारी गिरावट दर्ज की गई। सालाना आधार पर कंपनी का रेवेन्यू 55% घटकर 470 करोड़ रुपये रह गया। कमजोर नतीजों ने भी शेयर पर दबाव बढ़ाया है।

ब्रोकरेज की नकारात्मक राय (Brokerage Opinion)

ब्रोकरेज फर्म सिटी ने स्टॉक की रेटिंग ‘Buy’ से घटाकर ‘Sell’ कर दी है। साथ ही टारगेट प्राइस 55 रुपये से घटाकर 27 रुपये कर दिया गया है। लगातार गिरावट, घटती मांग और रणनीतिक बदलावों के बीच निवेशकों की नजर अब कंपनी की आगे की रणनीति और बाजार में सुधार पर टिकी है।

नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।