RIL Share Price: गिरावट के दौर में भी रिलायंस का जलवा बरकरार! अमेरिकी फैसले के बाद शेयर में तेजी, ब्रोकरेज का 28% उछाल का दावा

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RIL Share Price: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण तेल कारोबार से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर निवेशकों की नजर है। इसी बीच Reliance Industries Limited के शेयर चर्चा में है। निवेशक कंपनी के तेल और ऊर्जा कारोबार की वजह से इस शेयर पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। (NSE:RELIANCE, BSE:500325)

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  • Publish Date - March 9, 2026 / 02:52 PM IST,
    Updated On - March 9, 2026 / 02:55 PM IST

(RIL Share Price/ Image Credit: ANI News)

HIGHLIGHTS
  • रिलायंस शेयर गिरते बाजार में भी मजबूत।
  • ब्रोकरेज ने ₹1,803 का टारगेट दिया।
  • मौजूदा स्तर से 28% तक बढ़त की उम्मीद।

नई दिल्ली: Reliance Industries Share Price: देश के दिग्गज उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्री लिमिटेड के शेयर में पिछले कुछ दिनों से तेज हलचल देखने को मिल रही है। जियोपॉलिटिकल तनाव और वैश्विक बाजार की अनिश्चितता के बावजूद निवेशकों की नजर इस स्टॉक पर बनी हुई है। सोमवार 9 मार्च को जब बाजार खुला तो सेंसेक्स और निफ्टी में कमजोरी दिखी, लेकिन रिलायंस का शेयर में मजबूती देखने को मिला। कारोबार के दौरान यह करीब 1413.30 रुपये के दिन के उच्च स्तर पर ट्रेड करता दिखाई दिया।

पिछले सप्ताह शेयर में आई तेजी

हाल के दिनों में रिलायंस के शेयर में अच्छी तेजी देखने को मिली है। शुक्रवार 6 मार्च को कंपनी का स्टॉक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर लगभग 2.5 प्रतिशत तक उछल गया, जो पिछले एक महीने का सबसे बड़ा सिंगल-डे मूव माना जा रहा है। यह तेजी ऐसे समय आई जब बाजार के कई अन्य बड़े शेयर दबाव में थे। इस प्रदर्शन ने निवेशकों का भरोसा एक बार फिर इस कंपनी पर बढ़ाया है।

अमेरिकी फैसले से मिला सहारा

रिलायंस के शेयरों में मजबूती की एक बड़ी वजह अमेरिका का हालिया फैसला भी माना जा रहा है। अमेरिका ने भारतीय रिफाइनरियों को 30 दिनों के लिए रूसी तेल खरीदने की अस्थायी अनुमति दी है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के अनुसार यह छूट उन तेल कार्गो के लिए है जो पहले से जहाजों में लोड होकर समुद्र में मौजूद हैं। इन कार्गो को अप्रैल की शुरुआत तक भारत के बंदरगाहों तक पहुंचाने की अनुमति दी गई है। इससे भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों को कुछ राहत मिल सकती है।

Reliance Industries Ltd – स्टॉक विवरण (9 मार्च 2026)

विवरण जानकारी
आज का मूल्य ₹1,410.70
बदलाव +₹5.90 (0.42%)
ओपन ₹1,375.00
उच्चतम (High) ₹1,413.30
न्यूनतम (Low) ₹1,370.00
मार्केट कैप ₹19.05 लाख करोड़
P/E अनुपात 22.9
52-सप्ताह उच्च ₹1,611.80
52-सप्ताह निम्न ₹1,114.85
डिविडेंड यील्ड 0.39%
त्रैमासिक डिविडेंड राशि ₹1.37

मॉर्गन स्टेनली का सकारात्मक रुख

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने रिलायंस इंडस्ट्रीज पर अपनी ‘ओवरवेट’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने कंपनी के शेयर के लिए 1,803 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है, जो मौजूदा स्तर से लगभग 28 प्रतिशत की संभावित बढ़त दिखाता है। रिपोर्ट के अनुसार ग्लोबल ऑयल मार्केट में अनिश्चितता के कारण रिफाइनिंग मार्जिन ऊंचे बने हुए हैं।

मिडिल ईस्ट संकट पर असर

विश्लेषकों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव से रिलायंस को कुछ मामलों में फायदा भी मिल सकता है। हाल के दिनों में डीजल क्रैक स्प्रेड लगभग 35 डॉलर से 42 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जबकि पहले यह करीब 20 डॉलर प्रति बैरल था। रिलायंस की रिफाइनरी में डीजल की हिस्सेदारी लगभग 40 से 50 प्रतिशत है, इसलिए इससे कंपनी के मार्जिन बेहतर हो सकते हैं। पिछले तीन ट्रेडिंग सेशंस में शेयर करीब 5 प्रतिशत तक चढ़ चुका है और कंपनी का मार्केट कैप लगभग 19 लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में भी इसमें और मजबूती आ सकती है।

नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

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रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर चर्चा में क्यों हैं?

हाल के दिनों में शेयर में तेजी और ब्रोकरेज के सकारात्मक आउटलुक के कारण यह निवेशकों के बीच चर्चा में है।

ब्रोकरेज ने रिलायंस के लिए क्या टारगेट दिया है?

ग्लोबल ब्रोकरेज ने कंपनी के शेयर के लिए लगभग ₹1,803 का टारगेट प्राइस दिया है।

क्या हाल ही में शेयर में तेजी आई है?

हाँ, पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशंस में शेयर करीब 5% तक चढ़ा है।

अमेरिकी फैसले से रिलायंस को कैसे फायदा हो सकता है?

रूसी तेल खरीदने की अस्थायी अनुमति से भारतीय रिफाइनरियों को सप्लाई में राहत मिल सकती है।