Reliance Jio IPO: लो आ रहा है अब तक का सबसे बड़ा IPO! तैयारी अंतिम चरण पर, जानिए कौन है ये मशहूर उद्योगपति, जिसकी है यह कंपनी?

Reliance Jio IPO: जियो के लिस्ट होने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज एक होल्डिंग कंपनी बन जाएगी। इससे कंपनी के वैल्यूएशन पर 5 से 20% तक का डिस्काउंट लगने की संभावना है। कुछ ब्रोकरेज पहले ही इस संभावित जोखिम को ध्यान में रख रहे हैं और निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।

Reliance Jio IPO: लो आ रहा है अब तक का सबसे बड़ा IPO! तैयारी अंतिम चरण पर, जानिए कौन है ये मशहूर उद्योगपति, जिसकी है यह कंपनी?

(Reliance Jio IPO/ Image Credit: ANI News)

Modified Date: January 19, 2026 / 05:04 pm IST
Published Date: January 19, 2026 5:03 pm IST
HIGHLIGHTS
  • जियो IPO भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन सकता है
  • जियो का वैल्यूएशन लगभग $180 अरब
  • IPO के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज एक होल्डिंग कंपनी बन जाएगी

Reliance Jio IPO देश के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी की अगुआई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज जल्द ही जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO बाजार में ला सकती है। कंपनी सरकार की ओर से IPO से जुड़े नए नियमों की अंतिम अधिसूचना का इंतजार कर रही है। जैसे ही यह नोटिफिकेशन आएगा, जियो अपना DRHP (ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस) दाखिल करेगी। अनुमान है कि यह IPO भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO हो सकता है, जिसमें 4 से 4.5 अरब डॉलर यानी करीब 33,000-37,000 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं।

कंपनी ने क्या कहा? (What did the Company Say?)

रिलायंस जियो के स्ट्रैटेजी हेड अंशुमान ठाकुर ने पोस्ट-अर्निंग्स कॉल में कहा कि IPO की अंदरूनी तैयारी पहले से चल रही है। असली प्रक्रिया तभी शुरू होगी जब नियामकीय स्थिति पूरी तरह साफ हो। उन्होंने बताया कि कंपनी सेबी की सिफारिशों के अनुसार ही आगे बढ़ रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगले कुछ महीनों में यह IPO हो सकता है और यह हुंडई मोटर इंडिया के 27,000 करोड़ रुपये के 2024 IPO को भी पीछे छोड़ सकता है।

IPO के नियम और डिटेल्स (IPO Rules and Details)

रिपोर्ट के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन लगभग 180 अरब डॉलर (15 लाख करोड़ रुपये) आंकी जा रही है। नए नियमों के तहत बड़ी कंपनियों को IPO में केवल 2.5% शेयर बेचने की छूट मिली है। इस हिस्सेदारी की बिक्री से ही करीब 4.5 अरब डॉलर जुटाए जा सकते हैं। सरकार ने पब्लिक फ्लोट को 5% से घटाकर 2.5% किया और शेयरहोल्डिंग बढ़ाने की समय-सीमा भी बढ़ा दी, जिससे IPO के बाद शेयर सप्लाई पर दबाव कम होगा।

 ⁠

मार्केट में बनेगा नया इतिहास (New History in the Market)

Jio के लिस्ट होने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज एक होल्डिंग कंपनी बन जाएगी, जिससे वैल्यूएशन पर 5-20% तक का डिस्काउंट लग सकता है। कुछ ब्रोकरेज पहले ही इस जोखिम को ध्यान में रख रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह IPO मुख्य रूप से फाइनेंशियल इन्वेस्टर्स के लिए होगा, जबकि रिलायंस, Meta और Google जैसे रणनीतिक निवेशक लंबे समय तक बने रहेंगे। मुकेश अंबानी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि 2026 की पहली छमाही में जियो का IPO आ सकता है, जिससे भारतीय कैपिटल मार्केट में नया इतिहास बनेगा।

नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

इन्हें भी पढ़ें:


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।