(RIL Share Price / Image Credit: IBC24 News File)
RIL Share Price Today: आज 5 जनवरी को अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर मिलिट्री ऑपरेशन के बाद भारत की तेल कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखने को मिली है। ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) के शेयर शुरुआती ट्रेडिंग में 2% बढ़कर 246.80 रुपये पर पहुंच गए। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयर 1% से ज्यादा उछलकर 1,611.80 रुपये के 52-हफ्ते के नए हाई पर बंद हुए। इस बढ़त के साथ रिलायंस का मार्केट कैप लगभग लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया।
अमेरिका ने ‘एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ नामक ऑपरेशन चलाया, जिसमें वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका देश का नेतृत्व तब तक संभालेगा जब तक सही और सुरक्षित बदलाव नहीं हो जाता। ट्रंप ने यह भी कहा कि वे वेनेजुएला के तेल को बेचकर अमेरिका के लिए बड़ा मुनाफा कमाएंगे।
इस ऑपरेशन के बाद कच्चे तेल की कीमतों में हल्की बढ़त देखी गई। निवेशक यह सोच रहे हैं कि राजनीतिक उथल-पुथल वेनेजुएला से तेल सप्लाई पर असर डाल सकती है या नहीं। जेफरीज के मुताबिक, अमेरिका के संभावित अधिग्रहण से वेनेजुएला के कच्चे तेल पर लगे प्रतिबंध हट सकते हैं, जिससे भारतीय कंपनियों को सस्ते तेल की सप्लाई मिल सकती है।
जेफरीज ने कहा कि प्रतिबंध हटने पर रिलायंस ब्रेंट क्रूड के मुकाबले 5-8 डॉलर प्रति बैरल सस्ता तेल खरीद सकती है, जिससे उसकी ग्रॉस मार्जिन बढ़ेगी। वहीं, ONGC को सैन क्रिस्टोबल फील्ड से करीब 50 करोड़ डॉलर का बकाया डिविडेंड मिलने की संभावना है। हालांकि, मीडियम-टर्म में कुछ जोखिम भी बने रह सकते हैं।
| विवरण | आंकड़ा |
| क्लोजिंग प्राइस | ₹1,577.00 |
| आज का बदलाव | −15.30 (−0.96%) |
| आज का उच्चतम | ₹1,611.80 |
| आज का न्यूनतम | ₹1,575.30 |
| ओपन प्राइस | ₹1,593.00 |
| मार्केट कैप | ₹21.34 लाख करोड़ |
| P/E अनुपात | 25.68 |
| 52-सप्ताह का उच्च | ₹1,611.80 |
| 52-सप्ताह का निम्न | ₹1,114.85 |
| डिविडेंड | 0.35% |
| त्रैमासिक डिविडेंड राशि | ₹1.38 |
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।