RIL Share Price: अमेरिका-वेनेजुएला तनाव के बीच रिलायंस के शेयर ने तोड़ा रिकॉर्ड, ONGC में भी 2% की उछाल, जानिए क्या है एक्पर्ट की राय?

RIL Share Price: ब्रोकरेज फर्म जेफरीज का मानना है कि अगर अमेरिका वेनेजुएला पर कब्जा करता है तो वहां के कच्चे तेल पर लगे प्रतिबंध हट सकते हैं। इससे भारत की कंपनियों खासकर Reliance Industries Ltd और ONGC को सस्ते तेल की सप्लाई और मुनाफा बढ़ाने में फायदा हो सकता है।

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  • Publish Date - January 5, 2026 / 06:40 PM IST,
    Updated On - January 5, 2026 / 06:52 PM IST

(RIL Share Price / Image Credit: IBC24 News File)

HIGHLIGHTS
  • 5 जनवरी को रिलायंस शेयर 1% से ज्यादा बढ़कर ₹1,611.80 के 52-हफ्ते हाई पर पहुंचे।
  • ONGC के शेयर 2% बढ़कर ₹246.80 पर ट्रेड हुए।
  • जेफ़रीज़ के अनुसार अमेरिका के अधिग्रहण से वेनेज़ुएला का तेल सस्ता उपलब्ध होगा।

RIL Share Price Today: आज 5 जनवरी को अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर मिलिट्री ऑपरेशन के बाद भारत की तेल कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखने को मिली है। ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) के शेयर शुरुआती ट्रेडिंग में 2% बढ़कर 246.80 रुपये पर पहुंच गए। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयर 1% से ज्यादा उछलकर 1,611.80 रुपये के 52-हफ्ते के नए हाई पर बंद हुए। इस बढ़त के साथ रिलायंस का मार्केट कैप लगभग लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया।

अमेरिका ने ‘एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ ऑपरेशन चलाया

अमेरिका ने ‘एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ नामक ऑपरेशन चलाया, जिसमें वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका देश का नेतृत्व तब तक संभालेगा जब तक सही और सुरक्षित बदलाव नहीं हो जाता। ट्रंप ने यह भी कहा कि वे वेनेजुएला के तेल को बेचकर अमेरिका के लिए बड़ा मुनाफा कमाएंगे।

RIL Share Price Future: तेल की कीमतों पर असर

इस ऑपरेशन के बाद कच्चे तेल की कीमतों में हल्की बढ़त देखी गई। निवेशक यह सोच रहे हैं कि राजनीतिक उथल-पुथल वेनेजुएला से तेल सप्लाई पर असर डाल सकती है या नहीं। जेफरीज के मुताबिक, अमेरिका के संभावित अधिग्रहण से वेनेजुएला के कच्चे तेल पर लगे प्रतिबंध हट सकते हैं, जिससे भारतीय कंपनियों को सस्ते तेल की सप्लाई मिल सकती है।

रिलायंस और ONGC को फायदा

जेफरीज ने कहा कि प्रतिबंध हटने पर रिलायंस ब्रेंट क्रूड के मुकाबले 5-8 डॉलर प्रति बैरल सस्ता तेल खरीद सकती है, जिससे उसकी ग्रॉस मार्जिन बढ़ेगी। वहीं, ONGC को सैन क्रिस्टोबल फील्ड से करीब 50 करोड़ डॉलर का बकाया डिविडेंड मिलने की संभावना है। हालांकि, मीडियम-टर्म में कुछ जोखिम भी बने रह सकते हैं।

Reliance Industries Ltd (5 जनवरी 2026) – स्टॉक अपडेट

विवरण आंकड़ा
क्लोजिंग प्राइस ₹1,577.00
आज का बदलाव −15.30 (−0.96%)
आज का उच्चतम ₹1,611.80
आज का न्यूनतम ₹1,575.30
ओपन प्राइस ₹1,593.00
मार्केट कैप ₹21.34 लाख करोड़
P/E अनुपात 25.68
52-सप्ताह का उच्च ₹1,611.80
52-सप्ताह का निम्न ₹1,114.85
डिविडेंड 0.35%
त्रैमासिक डिविडेंड राशि ₹1.38

नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

इन्हें भी पढ़ें:

अमेरिका ने वेनेज़ुएला पर क्या किया?

अमेरिका ने 'एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व' ऑपरेशन में वेनेज़ुएला में हवाई हमले किए और राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया।

इस ऑपरेशन का भारतीय तेल कंपनियों पर क्या असर पड़ा?

इससे रिलायंस इंडस्ट्रीज और ONGC के शेयरों में तेजी आई। ONGC 2% और रिलायंस 1% से ज्यादा बढ़कर नए हाई पर बंद हुए।

अमेरिका के कदम से तेल की कीमतों पर क्या असर हो सकता है?

प्रतिबंध हटने से वेनेज़ुएला का तेल सस्ता मिल सकता है, जिससे रिलायंस ब्रेंट के मुकाबले 5–8 डॉलर प्रति बैरल सस्ता तेल खरीद सकती है।

ONGC को इसका क्या फायदा हो सकता है?

ONGC को सैन क्रिस्टोबल फील्ड से लगभग 50 करोड़ डॉलर का बकाया डिविडेंड मिल सकता है।