Sas ki Maut ki Dua ‘हे भगवान, मेरे दुख दूर करो…मेरी सास की मृत्यु हो जाए’ बहू ने मंदिर में मांगी दुआ, वायरल हो रहा वीडियो

Ads

Sas ki Maut ki Dua 'हे भगवान, मेरे दुख दूर करो...मेरी सास की मृत्यु हो जाए' बहू ने मंदिर में मांगी दुआ, वायरल हो रहा वीडियो

  •  
  • Publish Date - February 23, 2026 / 01:58 PM IST,
    Updated On - February 23, 2026 / 01:59 PM IST

Sas ki Maut ki Dua 'हे भगवान, मेरे दुख दूर करो...मेरी सास की मृत्यु हो जाए' बहू ने मंदिर में मांगी दुआ, वायरल हो रहा वीडियो / Image: Viral Video

HIGHLIGHTS
  • बहू ने मंदिर में मांगी सास की मौत की दुआ
  • 100 रुपये के नोट के साथ मुड़ी हुई एक चिट्ठी मिली
  • यह रहस्य बना हुआ है कि यह किस घर की दास्तां है

बेलगावी: Sas ki Maut ki Dua कर्नाटक के बेलगावी जिले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है दानपात्र ये एक चिट्ठी मिली है, जिसमें एक महिला ने अपने सास की मौत की दुआ मांगी है। वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोग उस पर मजेदार कमेंट भी कर रहे हैं।

मांगी सास की मौत की दुआ

Sas ki Maut ki Dua सामने आए वीडियो में आप देख सकते हैं कि मंदिर का दानपात्र पैसों और दान की गिनती के खोला जाता है। अधिकारी जब दानपात्र में पैसों की गिनती कर रहे थे, तब उन्हें 100 रुपये के नोट के अंदर एक नोट मिला, जिस पर लिखा था, ‘हे भगवान, मेरे दुख दूर करो और अगली यात्रा से पहले मेरी सास की मृत्यु हो जाए।’

दान पत्र में डाली चिट्ठी

हालांकि दान पात्र में चिट्ठी किसने डाली है इस बात का अभी खुलासा नहीं हो पाया है। चिट्ठी डालने वाली बहू ने अपना नाम भी नहीं लिखा है। लेकिन दानपात्र में मिली चिट्ठी ने हर किसी को हैरान कर दिया है। इस चिट्ठी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

ये भी पढ़ें

यह घटना बेलगावी के किस मंदिर की है?

यह घटना बेलगावी जिले के प्रसिद्ध सौंदत्ती यल्लम्मा मंदिर (Saundatti Yellamma Temple) की बताई जा रही है, जहाँ दानपात्र की नियमित गिनती के दौरान यह चिट्ठी मिली।

मंदिर प्रशासन का इस पर क्या कहना है?

प्रशासन का कहना है कि दानपात्र में अक्सर लोग अपनी परेशानियां लिखते हैं, लेकिन किसी की मृत्यु की कामना करना अनैतिक है। हालांकि, पहचान न होने के कारण वे कोई कार्रवाई नहीं कर सकते।

क्या दानपात्र में ऐसी चिट्ठियां मिलना आम है?

जी हाँ, भारत के कई बड़े मंदिरों में लोग अपनी बीमारी, कर्ज या पारिवारिक कलह के बारे में लिखकर भगवान से समाधान मांगते हैं। लेकिन 'नकारात्मक मन्नत' के मामले कम ही देखने को मिलते हैं।

सोशल मीडिया पर इस पर कैसी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं?

लोग इस पर मजेदार कमेंट्स कर रहे हैं। कुछ इसे "सास-बहू के झगड़े का चरम" बता रहे हैं, तो कुछ लोग मज़ाक में कह रहे हैं कि "भगवान भी इस अर्जी को पढ़कर सोच में पड़ गए होंगे।"

क्या ऐसी चिट्ठियों पर कोई कानूनी कार्रवाई हो सकती है?

कानूनी रूप से किसी की मृत्यु की 'कामना' करना अपराध नहीं है, जब तक कि वह किसी वास्तविक साजिश या धमकी का हिस्सा न हो। चूँकि नाम अज्ञात है, इसलिए यह केवल एक चर्चा का विषय बनकर रह गया है।