SBI Funds IPO: इन शेयरधारकों के मिला IPO का स्पेशल फायदा! एक नहीं बल्कि दो बार बोली लगाने का मौका, क्या इस बार आपकी झोली में आएंगे ज्यादा शेयर?
SBI Funds IPO: SBI फंड्स मैनेजमेंट के IPO में SBI शेयरधारकों को खास फायदा मिल सकता है। जिन निवेशकों के पास 7 जुलाई तक SBI का शेयर था। वे रिटेल और शेयरहोल्डर दोनों कैटेगरी में आवेदन कर सकते हैं। इससे उन्हें IPO में शेयर अलॉटमेंट की संभावना बढ़ाने का मौका मिलेगा।
(SBI Funds IPO News/ Image Credit: AI-generated)
- SBI शेयरधारकों को मिला खास IPO फायदा।
- 14 जुलाई से 16 जुलाई तक खुला रहेगा इश्यू।
- शेयरहोल्डर और रिटेल कोटे से लगा सकते हैं बोली।
नई दिल्ली: SBI Funds IPO News: अगर आपके पास भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का एक भी शेयर है तो SBI Funds Management IPO में आपके लिए खास अवसर हो सकता है। साल 2026 के बड़े IPO में शामिल इस इश्यू का सब्सक्रिप्शन 14 जुलाई से शुरू हो चुका है और निवेशक 16 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। आईपीओ का प्राइस बैंड 545 रुपये से 574 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। सबसे खास बात यह है कि SBI के मौजूदा शेयरधारकों को सामान्य निवेशकों की तुलना में अलग कोटा दिया गया है।
कौन ले सकते हैं इस सुविधा का लाभ?
SBI Funds Management IPO में SBI के शेयरधारकों के लिए एक अलग कैटेगरी रिजर्व की गई है। जिन निवेशकों के डीमैट खाते में 7 जुलाई 2026 तक SBI का कम से कम एक शेयर मौजूद था। वे इस विशेष शेयरहोल्डर कोटे के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे SBI के लाखों रिटेल निवेशकों को IPO में हिस्सा लेने का अतिरिक्त मौका मिल रहा है।
दो अलग-अलग कैटेगरी से कर सकते हैं आवेदन
SBI शेयरधारक इस IPO में दो अलग-अलग तरीकों से बोली लगा सकते हैं। पहला आवेदन रिटेल कैटेगरी के तहत और दूसरा आवेदन शेयरहोल्डर कैटेगरी के तहत किया जा सकता है। दोनों आवेदन अलग-अलग माने जाएंगे, जिससे निवेशकों के पास शेयर मिलने के दो मौके हो सकते हैं। हालांकि, ज्यादा आवेदन करने से शेयर मिलने की गारंटी नहीं होती। क्योंकि अंतिम फैसला मांग और उपलब्ध शेयरों पर निर्भर करता है।
रिटेल और शेयरहोल्डर कोटे में कैसे होगा अलॉटमेंट?
IPO में रिटेल और शेयरहोल्डर कैटेगरी के लिए अलग-अलग शेयर रिजर्व होते हैं। रिटेल निवेशक कम से कम एक लॉट के लिए आवेदन कर सकते हैं जिसमें 26 शेयर शामिल हैं। अगर आवेदन राशि 2 लाख रुपये से ज्यादा होती है तो वह HNI कैटेगरी में चला जाता है। ओवरसब्सक्रिप्शन की स्थिति में रिटेल कैटेगरी में शेयरों का आवंटन आमतौर पर कंप्यूटराइज्ड लॉटरी सिस्टम से किया जाता है। जबकि शेयरहोल्डर कैटेगरी में अलॉटमेंट अलग नियमों के आधार पर होता है। यह सुविधा SBI निवेशकों के लिए IPO में भागीदारी का एक अतिरिक्त अवसर बनाती है।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।
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