(Share Market 04 May 2026/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Share Market 04 May 2026 in India: गिफ्ट निफ्टी के ताजा संकेत बता रहे हैं कि आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत मजबूती के साथ हो सकती है। निफ्टी फ्यूचर्स करीब 138 अंकों की बढ़त के साथ 24,236 के आसपास ट्रेड करता दिखा। एशियाई बाजारों में तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट सकारात्मक शुरुआत की बड़ी वजह मानी जा रही है।
सोमवार को एशिया-पैसिफिक शेयर बाजारों में अच्छी बढ़त देखने को मिली। खासतौर पर दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स नई ऊंचाई पर पहुंच गया। इसके अलावा वॉल स्ट्रीट की टेक कंपनियों के मजबूत नतीजों ने भी ग्लोबल बाजारों में सकारात्मक माहौल बनाया। इन संकेतों का असर भारतीय बाजार की शुरुआत पर भी साफ दिख सकता है।
अमेरिकी बाजारों में भी तेजी का रुख बना रहा। S&P 500 और नैस्डैक कंपोजिट रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुए। जिससे निवेशकों का सेंटीमेंट मजबूत हुआ। हालांकि डाओ जोन्स में हल्की गिरावट दर्ज की गई। लेकिन कुल मिलाकर बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा। अच्छी कॉर्पोरेट कमाई और तेल की कीमतों में गिरावट ने इस तेजी को सपोर्ट किया।
30 अप्रैल को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 8,048 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 3,487 करोड़ रुपये की खरीदारी की। पूरे साल की बात करें तो FII अब तक 2.28 लाख करोड़ रुपये की बिकवाली कर चुके हैं। वहीं DII ने 2.84 लाख करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। इससे स्पष्ट है कि घरेलू निवेशक बाजार को संभालने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। जिससे बाजार को राहत मिली है। ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर के नीचे फिसल गया। जबकि WTI में भी कमजोरी आई। दूसरी ओर महंगाई की चिंता के कारण सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। निवेशक अब अमेरिका-ईरान बातचीत के नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं जो आगे की दिशा तय कर सकते हैं।
आज बाजार की नजर चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव नतीजों पर भी रहेगी। ये नतीजे बाजार के लिए बड़ा ट्रिगर साबित हो सकते हैं। साथ ही ग्लोबल संकेत जैसे तेल की कीमतें और अमेरिकी बाजारों की चाल भी भारतीय बाजार की दिशा तय करेंगे। कुल मिलाकर आज का दिन निवेशकों के लिए काफी अहम रहने वाला है।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।