(Stock Market Today/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Stock Market Today in India: भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत आज धीमी रह सकती है। गिफ्ट निफ्टी करीब 23,919 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद स्तर से केवल 3 अंक ऊपर है। इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार खुलते समय सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी तेजी या गिरावट देखने को नहीं मिल सकती। निवेशक वैश्विक घटनाओं और आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखे हुए हैं जिसके चलते बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है।
ग्लोबल मार्केट में सकारात्मक माहौल की बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही तेहरान के साथ हुए समझौते को सार्वजनिक कर सकते हैं। रिपोर्टों के मुताबिक दोनों देशों के नेताओं ने समझौते पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षर कर दिए हैं और जल्द औपचारिक हस्ताक्षर भी हो सकते हैं। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान इस समझौते के तहत परमाणु हथियार नहीं रखने पर सहमत हुआ है। इस खबर से वैश्विक निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।
भारतीय अर्थव्यवस्था से भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। अप्रैल महीने में देश ने 4.7 अरब डॉलर का चालू खाते का अधिशेष दर्ज किया। जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 4.8 अरब डॉलर का घाटा था। इस दौरान आयात बढ़कर 72.5 अरब डॉलर रहा। वहीं निर्यात भी बढ़कर 44.6 अरब डॉलर पहुंच गया। निर्यात में हुई इस बढ़ोतरी को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है।
अमेरिका-ईरान समझौते की खबर के बाद अमेरिकी शेयर बाजारों में शानदार तेजी देखने को मिली। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज करीब 469 अंक चढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। वहीं एसएंडपी 500 में 1.65 प्रतिशत और नैस्डैक में 3 फीसदी से अधिक की उछाल दर्ज की गई। दूसरी ओर एशियाई बाजारों का रुख मिला-जुला रहा। जापान का निक्केई लगभग सपाट रहा। जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। हांगकांग बाजार में कमजोरी के संकेत मिले हैं।
कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 83 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रहा था। वहीं सोने की कीमतें हालिया ऊंचाई के आसपास स्थिर बनी हुई हैं। दूसरी तरफ अमेरिकी डॉलर 10 दिनों के निचले स्तर के करीब बना हुआ है। कमजोर डॉलर और स्थिर कमोडिटी कीमतें उभरते बाजारों के लिए सकारात्मक मानी जाती हैं। ऐसे में भारतीय बाजार आज वैश्विक संकेतों के बीच सीमित दायरे में ट्रेड कर सकता है।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।