Exam Leak Law: पेपर लीक करने वालों की अब खैर नहीं! राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद नया कानून लागू, जानिए क्या बदलेगा?

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India Exam Leak Prevention Law 2026: पेपर लीक करने वालों की अब खैर नहीं! राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद नया कानून लागू, जानिए क्या बदलेगा?

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  • Publish Date - August 1, 2026 / 07:54 AM IST,
    Updated On - August 1, 2026 / 07:54 AM IST

India Exam Leak Prevention Law 2026 | Photo Credit: AI

HIGHLIGHTS
  • परीक्षा संशोधन बिल अब कानून
  • कड़ी सजा और जुर्माना
  • UPSC-SSC समेत सभी परीक्षाएं कानून के दायरे में

नई दिल्ली: India Exam Leak Prevention Law 2026 देशभर में पेपर लीक पर लगाम लगाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परीक्षा संशोधन बिल (Examination Amendment Bill) को मंजूरी दे दी है। राष्ट्रपति की सहमति मिलते ही ये नया संशोधन विधेयक अब देशभर में कानून के रूप में लागू हो चुका है।

India Exam Leak Prevention Law 2026 नए कानून का मकसद है कि सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाले पेपर लीक, नकल और धांधली पर रोक लगाना है। संसद के दोनों सदनों में ये बिल पास होने के बाद स्वीकृति के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा गया था। जिसके बाद राष्ट्रपति ने इसे मंजूरी दे दी है।

कड़े नियमों और भारी जुर्माने का कड़ा प्रावधान

इस नए संशोधन अधिनियम के दायरे में गड़बड़ी करने वाले संगठित गिरोह, संलिप्त कोचिंग संस्थान और लापरवाही बरतने वाले परीक्षा सेवा प्रदाता सीधे तौर पर आएंगे। अनुचित साधनों या शॉर्टकट का इस्तेमाल करने वाले समूहों और व्यक्तियों के लिए अब बेहद कड़ी सजा के साथ-साथ भारी-भरकम जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

कानून के दायरे में संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC, कर्मचारी चयन आयोग यानी SSC, रेलवे भर्ती बोर्ड यानी RRB, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA के अलावा केंद्र सरकार के तमाम अन्य मंत्रालयों और उनके अधीन आने वाले विभागों की सभी प्रमुख परीक्षाएं शामिल की गई हैं। सरकार का स्पष्ट मानना है कि इस कदम से दिन-रात मेहनत करने वाले देश के लाखों युवाओं का सिस्टम पर भरोसा और अधिक मजबूत होगा। नए कानून के तहत परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की तकनीकी सेंधमारी या भीतरघात को रोकने के लिए जांच एजेंसियों को पहले से कहीं अधिक व्यापक और विशेष अधिकार सौंपे गए हैं।

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परीक्षा संशोधन बिल का उद्देश्य क्या है?

सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और धांधली पर रोक लगाना।

कानून के तहत कौन-कौन से संस्थान आएंगे?

UPSC, SSC, RRB, NTA और केंद्र सरकार की अन्य प्रमुख परीक्षाएं।

दोषियों के लिए क्या प्रावधान है?

कड़ी सजा और भारी जुर्माना।