Stock Market 19 January 2026: गिफ्ट निफ्टी का अलर्ट! आज भारतीय शेयर बाजार में मचने वाली है बड़ी तबाही? जानें क्या करें निवेशक?

Stock Market 19 January 2026: भारतीय शेयर बाजार के लिए संकेत आज अच्छे नहीं है। FIIs ने कैश मार्केट में 4300 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली की है। गिफ्ट निफ्टी 150 अंक नीचे ट्रेड कर रहा है। एशियाई बाजारों में दबाव है और डाओ फ्यूचर्स में भी तेज गिरावट दिख रही है।

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  • Publish Date - January 19, 2026 / 09:05 AM IST,
    Updated On - January 19, 2026 / 09:06 AM IST

(Stock Market 19 January 2026/ Image Credit: IBC24 News)

HIGHLIGHTS
  • FIIs ने कैश मार्केट में 4300 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली की
  • गिफ्ट निफ्टी 150 अंक नीचे, कमजोर ओपनिंग के संकेत
  • एशियाई बाजारों और डाओ फ्यूचर्स में दबाव

नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज की शुरुआत कमजोर संकेतों के साथ होने की संभावना है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने कैश मार्केट में 4300 करोड़ रुपये से अधिक की बिकवाली की है, जिससे बाजार की धारणा पर दबाव बढ़ा है। गिफ्ट निफ्टी करीब 150 अंकों की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है, जो भारतीय बाजार (Stock Market 19 January 2026) के लिए कमजोरी के संकेत दे रहा है। एशियाई बाजारों में भी बिकवाली का माहौल है, जबकि डाओ फ्यूचर्स में तेज गिरावट देखी जा रही है। शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में हल्का दबाव रहा था और आज अमेरिका में बाजार बंद रहंगे, जिससे ग्लोबल संकेत सीमित रहने का अनुमान है।

RIL के मजबूत तिमाही नतीजे (RIL Reports Strong Quarterly Results)

रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ने तीसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA सात तिमाहियों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। ऑयल-टू-केमिकल (O2C) कारोबार में बेहतर मार्जिन देखने को मिला, जबकि जियो के ARPU में अनुमान से बेहतर सुधार देखने को मिला। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने कहा कि FY26 के दौरान रिलायंस के सभी बिजनेस सेगमेंट में मजबूती देखने को मिल रही है, जिससे निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत मिल रहा है।

वॉल स्ट्रीट का हाल (Condition of Wll Street)

लंबे वीकेंड से पहले शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट में उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला और अमेरिकी बाजार लगभग फ्लैट बंद हुए। हालांकि, चौथी तिमाही के अर्निंग्स सीजन की शुरुआत के साथ इस हफ्ते तीनों प्रमुख अमेरिकी इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई। डॉव जोन्स, S&P 500 और नैस्डैक तीनों हल्की गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे वैश्विक निवेशकों में सतर्कता बनी हुई है।

एक्सपर्ट की राय (Expert Opinion)

मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि बाजार का सेंटिमेंट अभी कमजोर बना हुआ है। पिछले सात में से छह कारोबारी सत्रों में निफ्टी और सेंसेक्स दोनों में गिरावट आई है। इसकी बड़ी वजह अमेरिकी टैरिफ को लेकर अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली है। जनवरी में अब तक FPIs करीब 16,600 करोड़ रुपये के शेयर बेच चुके हैं। तकनीकी रूप से निफ्टी के लिए 25,620-25,715 का स्तर अहम सपोर्ट है। इसके ऊपर टिके रहने पर 26,020 तक रिकवरी संभव है, जबकि 25,600 के नीचे फिसलने पर 25,300 तक गिरावट आ सकती है।

सोना-चांदी में रिकॉर्ड तेजी, डॉलर कमजोर (Record Rise in Gold and Silver)

अमेरिका और यूरोप के बीच संभावित व्यापार युद्ध की आशंका से निवेशकों ने सुरक्षित निवेश का रुख किया है। इसका असर सोना और चांदी की कीमतों पर दिखा, जो रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई। स्पॉट गोल्ड और सिल्वर में तेज उछाल दर्ज हुआ। वहीं, ट्रंप की टैरिफ धमकियों के बाद निवेशकों ने जापानी येन और स्विस फ्रैंक में निवेश बढ़ाया, जिससे डॉलर इंडेक्स में कमजोरी देखने को मिली।

कच्चा तेल की कीमतें स्थिर (Crude oil Prices Stable)

कच्चे तेल की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। मध्य-पूर्व में तनाव कम होने से सप्लाई में रुकावट की आशंका घट गई है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1 फरवरी से डेनमार्क, ब्रिटेन और फ्रांस समेत कई यूरोपीय देशों पर 10% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ग्रीनलैंड प्लान के विरोध को इसकी वजह बताया जा रहा है। जून तक यह टैरिफ 25% तक बढ़ सकता है, जिससे वैश्विक बाजारों में अस्थिरता और बढ़ने की आशंका है।

नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

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आज भारतीय शेयर बाजार कमजोर क्यों दिख रहा है?

FIIs की भारी बिकवाली, गिफ्ट निफ्टी में गिरावट, एशियाई बाजारों पर दबाव और अमेरिकी टैरिफ को लेकर अनिश्चितता के कारण बाजार कमजोर संकेत दे रहा है।

FIIs की बिकवाली का बाजार पर क्या असर पड़ता है?

जब विदेशी निवेशक बड़ी मात्रा में शेयर बेचते हैं, तो बाजार में दबाव बढ़ता है और इंडेक्स में गिरावट देखने को मिलती है।

गिफ्ट निफ्टी में 150 अंकों की गिरावट का क्या मतलब है?

यह संकेत देता है कि घरेलू बाजार की शुरुआत कमजोर हो सकती है और ओपनिंग में गिरावट देखने को मिल सकती है।

निफ्टी के लिए आज कौन से स्तर अहम हैं?

25,620–25,715 अहम सपोर्ट ज़ोन है। इसके ऊपर रहने पर रिकवरी संभव है, जबकि 25,600 के नीचे जाने पर और गिरावट आ सकती है।