(Stock Market 20 February 2026/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Stock Market Today in India अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने दुनिया भर के निवेशकों की चिंता को बढ़ा दी है। इसी कारण से भारतीय शेयर बाजार में भी सतर्क माहौल है। एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेत मिले, जबकि अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। इन हालातों को देखते हुए शुक्रवार को भारतीय बाजार की शुरुआत कमजोर रहने की आशंका जताई जा रही है।
गुरुवार को घरेलू बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 1,236 अंक यानी 1.48% गिरकर 82,498 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 365 अंक यानी 1.41% टूटकर 25,454 पर आ गया। वैश्विक कमजोरी और बिकवाली के दबाव से निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।
शुक्रवार को एशियाई बाजारों में भी गिरावट देखी गई। निक्केई 225 लगभग 1% नीचे रहा, जबकि हेंग सेंग इंडेक्स 0.9% फिसल गया। इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड 72 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जो करीब साढ़े छह महीने का उच्च स्तर है। तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई और बाजार पर दबाव बढ़ा सकती हैं।
गिफ्ट निफ्टी से बाजार के लिए हल्के सकारात्मक संकेत मिले हैं। यह करीब 22 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 25,427 के आसपास कारोबार करता दिखा। हालांकि वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए निवेशक सतर्क बने हुए हैं। शुरुआती कारोबार में उतार-चढ़ाव रह सकता है।
अमेरिकी बाजारों में गुरुवार को गिरावट रही। नैस्डैक कंपोजिट 0.31% गिरा, जबकि डाऊ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 0.54% नीचे बंद हुआ। प्राइवेट इक्विटी शेयरों में कमजोरी और बड़ी कंपनियों में गिरावट से दबाव बना। वहीं अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ और एक महीने के उच्च स्तर के करीब पहुंच गया, जिससे अन्य मुद्राओं पर दबाव देखा गया।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। सोना लगभग 5,000 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया, जबकि चांदी में हल्की गिरावट रही। दूसरी ओर कच्चे तेल की कीमतें भी छह महीने के उच्च स्तर के आसपास हैं। इन सभी संकेतों से साफ है कि आज बाजार में उतार-चढ़ाव और सतर्कता का माहौल बना रह सकता है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।