MP Governor Protocol Lapse: राज्यपाल के प्रोटोकॉल में बड़ी चूक! इस शर्मनाक लापरवाही पर एक साथ 6 अफसरों को थमा दिया नोटिस, जिम्मेदारों से मांगा जवाब

MP Governor Protocol Lapse: राज्यपाल के प्रोटोकॉल में बड़ी चूक! इस शर्मनाक लापरवाही पर एक साथ 6 अफसरों को थमा दिया नोटिस, जिम्मेदारों से मांगा जवाब

MP Governor Protocol Lapse: राज्यपाल के प्रोटोकॉल में बड़ी चूक! इस शर्मनाक लापरवाही पर एक साथ 6 अफसरों को थमा दिया नोटिस, जिम्मेदारों से मांगा जवाब

MP Governor Protocol Lapse/Image Source: IBC24 File

Modified Date: February 20, 2026 / 09:02 am IST
Published Date: February 20, 2026 8:57 am IST
HIGHLIGHTS
  • राज्यपाल की व्यवस्था में चूक
  • 6 अधिकारियों को नोटिस
  • सर्विस प्रोवाइडर कंपनी हटाई गई

इंदौर: MP Governor Protocol Lapse: इंदौर में राज्यपाल मंगुभाई पटेल की व्यवस्था में लापरवाही का मामला सामने आया है।  रात्रि विश्राम के दौरान प्रोटोकॉल और स्वच्छता में गंभीर कमी मिलने पर राज्यपाल सचिवालय ने सख्त नाराजगी जताई है। मामले में जिला प्रशासन ने छह अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, वहीं सर्विस प्रोवाइडर कंपनी को भी हटा दिया गया है।

राज्यपाल की व्यवस्था में लापरवाही (Indore Governor News)

MP Governor Protocol Lapse: मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल 17 फरवरी को होने वाले देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने 16 फरवरी को इंदौर दौरे पर पहुंचे थे। उन्होंने रात्रि विश्राम इंदौर की रेसिडेंसी कोठी में किया। लेकिन इसी दौरान प्रोटोकॉल और स्वच्छता व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई। प्रोटोकॉल और स्वच्छता को लेकर चिंता जताई गई, जिसके संबंध में इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा को शिकायत की गई। इसके बाद जिला प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू की। जांच के बाद कलेक्टर ने रेसिडेंसी कोठी में सेवाएं दे रही सर्विस प्रोवाइडर कंपनी ‘रतन एम्पोरियम’ को हटा दिया। प्रशासन ने कंपनी के लंबित भुगतान में कटौती करने के भी निर्देश दिए हैं।

6 अधिकारियों को थमा दिया नोटिस (Mangubhai Patel Indore Visit)

MP Governor Protocol Lapse: वहीं दूसरी ओर राज्यपाल का प्रोटोकॉल संभाल रहे छह अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनमें डिप्टी कलेक्टर सीमा कनेश मौर्य, तहसीलदार रोशन सोनी, श्रम निरीक्षक संजय पाटिल, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी अजय अस्थाना, सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी और सिविल सर्जन डॉ. जी.एल. सोढ़ी शामिल हैं। गौरतलब है कि राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद की व्यवस्थाओं में लापरवाही सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है और सर्विस प्रोवाइडर कंपनी पर भी कार्रवाई की गई है। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।

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लेखक के बारे में

टिकेश वर्मा- जमीनी पत्रकारिता का भरोसेमंद चेहरा... टिकेश वर्मा यानी अनुभवी और समर्पित पत्रकार.. जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव हैं। राजनीति, जनसरोकार और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से सरकार से सवाल पूछता हूं। पेशेवर पत्रकारिता के अलावा फिल्में देखना, क्रिकेट खेलना और किताबें पढ़ना मुझे बेहद पसंद है। सादा जीवन, उच्च विचार के मानकों पर खरा उतरते हुए अब आपकी बात प्राथिकता के साथ रखेंगे.. क्योंकि सवाल आपका है।