Stock Market 25 May 2026: निवेशकों के लिए सुपर मॉर्निंग! Gift Nifty ने दिया ग्रीन सिग्नल, क्रूड ऑयल में बड़ी टूट, जानिए किसका होगा फायदा

Ads

Stock Market 25 May 2026: गिफ्ट निफ्टी करीब 23,995 के स्तर पर मजबूती से कारोबर कर रहा है। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले के बंद स्तर से लगभग 251 अंक ऊपर है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि आज भारतीय शेयर बाजार तेज शुरुआत कर सकता है और बाजार खुलते ही खरीदारी का माहौल देखने को मिल सकता है।

  •  
  • Publish Date - May 25, 2026 / 09:04 AM IST,
    Updated On - May 25, 2026 / 09:12 AM IST

(Stock Market 25 May 2026/ Image Credit: AI-generated)

HIGHLIGHTS
  • GIFT Nifty 23,995 के करीब, बाजार में मजबूत शुरुआत के संकेत
  • Nikkei पहली बार 65,000 के पार पहुंचा
  • कच्चे तेल की कीमतों में करीब 5% की बड़ी गिरावट

नई दिल्ली: Stock Market 25 May 2026 In India: भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार की शुरुआत मजबूत रहने के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी करीब 23,995 से स्तर पर कारोबार करता दिखा। जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद स्तर से लगभग 251 अंक ऊपर है। इससे माना जा रहा है कि घरेलू बाजार गैप-अप ओपनिंग के साथ खुल सकते हैं। पिछले कारोबारी सत्र में भी बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ था। निफ्टी 50 करीब 0.27 प्रतिशत तेजे के साथ 23,719.30 पर बंद हुआ। जबकि सेंसेक्स 75,415.35 के स्तर पर पहुंच गया। पूरे हफ्ते में निफ्टी और सेंसेक्स दोनों में मामूली बढ़त दर्ज की।

एशियाई बाजारों में तेजी, निक्केई ने बनाया रिकॉर्ड

एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक माहौल देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 पहली बार 65,000 के पार पहुंच गया और रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेल कीमतों में नरमी और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर राहत भरी खबरों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। हालांकि हांगकांग और साउथ कोरिया के बाजार सार्वजनिक अवकाश के कारण बंद रहे। वहीं अमेरिका में मेमोरियल डे की छुट्टी के चलते अमेरिकी बाजारों में कारोबार नहीं हुआ।

कच्चे तेल में बड़ी गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। पिछले सप्ताह से जारी कमजोरी सोमवार को भी जारी रही। अमेरिकी WTI क्रूड करीब 5% गिरकर 91.65 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। जबकि ब्रेंट क्रूड भी लगभग 98.30 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। तेल में यह गिरावट अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत की उम्मीदों के कारण आई है। खबरों के मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर संभावित कार्रवाई को फिलहाल टाल दिया है। जिससे सप्लाई को लेकर चिंता कुछ कम हुई है।

सोना स्थिर, चांदी में मजबूती बरकरार

कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतें सीमित दायरे में बनी हुई हैं। निवेशक अब अमेरिका से आने वाले आर्थिक आंकड़ों और ईरान से जुड़े घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। दूसरी ओर वैश्विक तनाव और ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच चांदी मजबूत बनी हुई है। MCX पर सोने का फ्यूचर सप्ताह के आखिर में करीब 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। जबकि चांदी 2.71 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर रही।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII लगातार तीसरे दिन भारतीय कैश मार्केट में बिकवाली करते दिखे। आंकड़ों के मुताबिक, उनकी करीब 88 फीसदी शॉर्ट पोजीशन बनी हुई है। इससे बाजार में थोड़ी सतर्कता भी बनी हुई है। वहीं भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले अस्थिर बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में ग्लोबल संकेत और विदेशी निवेशकों की चाल बाजार की दिशा तय करेंगे।

पेट्रोल-डीजल फिर महंगे

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। 25 मई को पेट्रोल करीब 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ। पिछले 11 दिनों में यह चौथी बढ़ोतरी है। दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर हो गई है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का असर आम लोगों के खर्च पर पड़ सकता है।

नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

इन्हें भी पढ़ें:

GIFT Nifty क्या संकेत दे रहा है?

GIFT Nifty करीब 250 अंकों की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है, जिससे भारतीय शेयर बाजार में मजबूत और गैप-अप शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं।

आज एशियाई बाजारों में तेजी क्यों रही?

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक तनाव कम होने की उम्मीद से एशियाई बाजारों में खरीदारी देखने को मिली।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का क्या असर होगा?

तेल सस्ता होने से भारत के लिए आयात खर्च कम हो सकता है, जिससे महंगाई और बाजार पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।

विदेशी निवेशक बाजार में क्या कर रहे हैं?

FII लगातार तीसरे दिन भारतीय बाजार में बिकवाली कर रहे हैं और उनकी शॉर्ट पोजीशन भी काफी ज्यादा बनी हुई है।