Champat Rai Statement on Ram Mandir Donation Theft || Image- AI Generated File
अयोध्या: राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी के मामले में राम मंदिर न्यास के पूर्व महासचिव चंपत राय ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ कई तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन उन्होंने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। (Champat Rai Statement on Ram Mandir Donation Theft) उन्होंने भरोसा दिलाया कि एसआईटी की अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद वह सभी सवालों का जवाब देंगे और पूरे मामले की सच्चाई सामने रखेंगे।
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धीरज धर्म मित्र अरु नारी,
आपद काल परिखिअहिं चारी। pic.twitter.com/PHtGs95ass— Champat Rai (@ChampatRaiVHP) July 7, 2026
सोशल मीडिया मंच X पर जारी खुले पत्र में चंपत राय ने लिखा कि राम मंदिर के दानपात्र से जुड़े मामले में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं और उन पर व्यक्तिगत आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि उनका 45 वर्षों का प्रचारक जीवन एक खुली किताब की तरह है और जांच पूरी होने के बाद वह विस्तार से अपनी बात रखेंगे।
Champat Rai, Former General Secretary of Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra writes a letter to the ‘devotees of Lord Ram’
“… various speculations have been circulating regarding an alleged theft during the counting of donations from the donation box at the Shri Ram… pic.twitter.com/m3LsKKKz1C
— ANI (@ANI) July 7, 2026
इधर, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने बताया कि ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय के महासचिव पद और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए हैं। वहीं, ट्रस्ट ने यह भी निर्णय लिया है कि ट्रस्टी गोपाल राव (गोपाल नागरकट्टे) को अब ट्रस्ट की बैठकों में आमंत्रित नहीं किया जाएगा। (Champat Rai Statement on Ram Mandir Donation Theft) मामले की जांच में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। अयोध्या की अदालत ने तीन आरोपियों लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडेय की एक दिन की पुलिस रिमांड मंजूर कर ली है। पुलिस ने अदालत से सात दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने एक दिन की हिरासत की अनुमति दी।
इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपी गई एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में चढ़ावे की गिनती के दौरान चोरी के प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिलने की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून के बीच के सीसीटीवी फुटेज में कई बार गिनती करने वाले कर्मचारियों को नकदी अपने कपड़ों, जेबों और जूतों में छिपाते हुए देखा गया है। रिपोर्ट में लगभग 70 कथित चोरी या हेराफेरी की घटनाओं का उल्लेख किया गया है।
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एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज, बरामदगी, वित्तीय दस्तावेजों और गवाहों के बयान के आधार पर अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय और रामाशंकर मिश्रा की प्रथम दृष्टया संलिप्तता बताई है।
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