(Tata Steel Q3 Results/ Image Credit: Meta AI)
नई दिल्ली: Tata Steel Q3 Results टाटा स्टील ने शुक्रवार 6 फरवरी 2026 को अपनी दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी किए, जिनमें कंपनी ने शानदार मुनाफे का रिकॉर्ड दर्ज किया है। इस दौरान कंपनी ने पिछले साल के मुकाबले अपने मुनाफे में 723% की बढ़ोतरी दर्ज की है।
कंपनी ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 326.64 करोड़ रुपये के नेट प्रॉफिट के मुकाबले इस बार 723% ज्यादा मुनाफा कमाया। इसका कुल ऑपरेशनल रेवेन्यू सालाना आधार पर 6% बढ़कर 56,646.05 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसके साथ ही, कंपनी का नेट प्रॉफिट मार्जिन 4.79% तक बढ़ा, जो पिछले साल की समान तिमाही में केवल 0.55% था।
ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन इस तिमाही में बढ़कर 14.58% हो गया, जो पिछले साल के मुकाबले एक महत्वपूर्ण सुधार है। फॉरेक्स मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए, कंसोलिडेटेड EBITDA 8,276 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के 7,155 करोड़ रुपये से अधिक है।
भारत में कंपनी के ऑपरेशंस में प्रोडक्शन और डिलीवरी में क्रमशः 12% और 14% की वृद्धि हुई। खास बात यह है कि टाटा स्टील ने पहली बार 6 मिलियन टन की डिलीवरी का आंकड़ा पार किया, जिससे कंपनी की स्थिति और मजबूत हुई है।
हालांकि, कंपनी के यूके और नीदरलैंड्स स्थित विदेशी ऑपरेशंस से डिलीवरी पिछले क्वार्टर के मुकाबले कम रही। नीदरलैंड्स में रेवेन्यू 1.35 बिलियन यूरो रहा, जबकि EBITDA 55 मिलियन यूरो था। वहीं, यूके में रेवेन्यू 468 मिलियन यूरो दर्ज हुआ, लेकिन EBITDA लॉस 63 मिलियन यूरो रहा।
| Parameter | Value |
| Share Price | ₹196.51 INR |
| Change | ₹−1.25 (−0.63%) |
| Date & Time | 6 Feb, 3:30 PM IST |
| Open Price | ₹196.15 INR |
| High Price | ₹197.60 INR |
| Low Price | ₹194.37 INR |
| Market Cap | ₹2.46 Lakh Crore |
| P/E Ratio | 35.98 |
| 52-Week High | ₹202.99 INR |
| Dividend Yield | 1.83% |
| Quarterly Dividend | ₹0.90 INR |
| 52-Week Low | ₹125.30 INR |
वहीं, शुक्रवार को नतीजे जारी होने के बाद टाटा स्टील के शेयर 0.6% गिरकर 196.51 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए। सोमवार को इसके शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है, क्योंकि कंपनी के परिणामों ने निवेशकों को आकर्षित किया है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।