(Top 3 Biggest IPO below Issue Price/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Top 3 Biggest IPO below Issue Price: भारत के तीन सबसे बड़े आईपीओ Hyundai Motor India, Paytm और Life Insurance Corporation of India ने निवेशकों को उम्मीद के मुताबिक फायदा नहीं दिया है। इन तीनों इश्यू ने रिकॉर्ड रकम जुटाई थी, लेकिन बाद में इनके शेयरों का प्रदर्शन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। फिलहाल अधिकांश निवेशक इनमें नुकसान की स्थिति में हैं।
Hyundai Motor India का IPO करीब 27,859 करोड़ रुपये का था और इसका इश्यू प्राइस 1,960 रुपये तय किया गया था। लिस्टिंग के समय शेयर में मामूली गिरावट देखने को मिली थी। लेकिन बाद में इसमें अच्छी तेजी आई और यह 2,889 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। इस दौरान निवेशकों को कुछ समय के लिए मजबूत मुनाफा भी मिला। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव के चलते यह शेयर फिर नीचे आया और हाल में लगभग 1,784 रुपये पर बंद हुआ। वर्तमान स्थिति में निवेशक करीब 9% नुकसान में हैं।
Paytm का IPO 18,300 करोड़ रुपये का था और इसका इश्यू प्राइस 2,150 रुपये रखा गया था। लेकिन लिस्टिंग के दिन ही शेयर में गिरावट देखने को मिली और यह 1,955 रुपये पर लिस्ट हुआ। इसके बाद शेयर लगातार दबाव में रहा और रिकवरी की कोशिशों के बावजूद मजबूत वापसी नहीं कर पाई। 2024 में यह 310 रुपये के निचले स्तर तक फिसल गया। जिससे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ। फिलहाल यह शेयर करीब 1,147 रुपये पर ट्रेड कर रहा है और निवेशक अभी भी लगभग 46% के नुकसान पर हैं।
LIC का IPO 20,557 करोड़ रुपये का था और यह देश का सबसे बड़ा बीमा इश्यू माना जाता है। इसका इश्यू प्राइस 949 रुपये तय किया गया था, लेकिन लिस्टिंग के समय यह 867 रुपये पर खुला। जिससे निवेशकों को शुरुआती दौर में नुकसान हुआ। बाद में शेयर में कुछ रिकवरी देखने को मिली और यह 1,221 रुपये तक पहुंच गया। लेकिन यह स्थिर नहीं रह सका। वर्तमान में इसका भाव लगभग 811 रुपये के आसपास है और निवेशक करीब 14% घाटे में हैं।
इन तीनों बड़े IPO का प्रदर्शन यह दर्शाता है कि बड़े इश्यू में निवेश करना हमेशा फायदे का सौदा नहीं होता। शुरुआती तेजी के बाद बाजार की अस्थिरता, ग्लोबल फैक्टर्स और कंपनी के प्रदर्शन का असर शेयरों पर साफ नजर आता है। निवेशकों को इन उदाहरणों से यह साफ होता है कि IPO में निवेश करते समय लंबी अवधि की रणनीति और रिस्क मैनेजमेंट बेहद जरूरी है।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।