जितेंद्र सिंह ने विश्वविद्यालयों, कॉलेजों में अंतरिक्ष प्रयोगशालाएं बनाने की योजनाओं की समीक्षा की

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जितेंद्र सिंह ने विश्वविद्यालयों, कॉलेजों में अंतरिक्ष प्रयोगशालाएं बनाने की योजनाओं की समीक्षा की

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  • Publish Date - April 26, 2026 / 03:53 PM IST,
    Updated On - April 26, 2026 / 03:53 PM IST

नयी दिल्ली, 26 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने रविवार को देशभर के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में अंतरिक्ष प्रयोगशालाएं स्थापित करने की योजनाओं की समीक्षा की। यहां जारी एक बयान में यह जानकारी दी गयी है।

इस पहल के तहत ऐसी सात प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी, जो छात्रों को उपग्रह प्रणालियों, रॉकेट तकनीक और मिशन डिजाइन में व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेंगी।

एक अधिकारी ने कहा, ‘‘इसका उद्देश्य भारत के तेजी से बढ़ते अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए कुशल युवाओं की मजबूत शृंखला तैयार करना है। गैर-सरकारी संस्थाओं के लिए क्षेत्र खोले जाने के बाद पिछले पांच वर्षों में इस क्षेत्र में 60 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक का निजी निवेश आकर्षित हुआ है।’’

सिंह ने भारत में अंतरिक्ष सुधारों की प्रगति और मूल्य शृंखला के विभिन्न क्षेत्रों में निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी की भी समीक्षा की।

देश का निजी अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र तेजी से विस्तारित हुआ है, जहां स्टार्टअप की संख्या 2019 में एकल अंक से बढ़कर 2026 की शुरुआत तक 400 से अधिक हो गई है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘ये स्टार्टअप अब प्रक्षेपण यान, उपग्रह और पेलोड निर्माण, जमीनी अवसंरचना, डेटा सेवाओं तथा उभरते इन-ऑर्बिट क्षेत्रों में सक्रिय हैं।’’

सरकार ने इस गति को समर्थन देने के लिए कई पहलें शुरू की हैं।

अधिकारी ने कहा कि उदाहरण के तौर पर 500 करोड़ रुपये का ‘टेक्नोलॉजी एडॉप्शन फंड’ शुरुआती चरण के नवाचारों को व्यावसायिक रूप से सफल उत्पादों में बदलने में मदद कर रहा है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘कुशल कार्यबल तैयार करने के प्रयास भी जारी हैं। अब तक 17 विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरे किए जा चुके हैं और लगभग 900 प्रतिभागियों को उपग्रह निर्माण, प्रक्षेपण यान प्रणालियों और अंतरिक्ष साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में प्रमाणित किया गया है।’’

भाषा गोला सुरेश

सुरेश