(Vedanta Four New Stocks Listings/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Vedanta Four New Stocks Listings Date: माइनिंग क्षेत्र की बड़ी कंपनी वेदांता ने अपनी डी-मर्जर प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस प्रक्रिया के तहत कंपनी ने चार अलग-अलग नई कंपनियां बनाई है। इनमें वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड, तलवंडी साबो पावर लिमिटेड, माल्को एनर्जी लिमिटेड और वेदांता आयरन एंड स्टी लिमिटेड शामिल है। अब निवेशकों की नजर इन कंपनियों की बीएसई और एनएसई पर अलग-अलग लिस्टिंग पर टिकी हुई है।
कंपनी के अनुसार लिस्टिंग की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है। वेदांता रिसोर्सेज की CEO देशनी नायडू ने बताया कि कंपनी अगले हफ्ते इन अलग हुई इकाइयों की लिस्टिंग के लिए एक्सचेंजों में आवेदन करेगी। उम्मीद है कि जून के मध्य तक इन कंपनियों के शेयर बाजार में लिस्ट हो जाएंगे और ट्रेडिंग भी शुरू हो जाएगी। हालांकि, अंतिम तारीख नियामक मंजूरी पर निर्भर करेगी।
डी-मर्जर के तहत कंपनी ने अपने शेयरधारकों को बड़ा फायदा दिया है। अप्रैल में कंपनी ने घोषणा की थी कि हर योग्य निवेशक को एक-एक शेयर नई चारों कंपनियों में मिलेगा। इसके बदले उन्हें वेदांता के हर मौजूदा शेयर के अनुपात में नई कंपनियों के शेयर मिलेंगे। रिकॉर्ड डेट 1 मई तय की गई थी। हालांकि उस दिन बाजार बंद होने के कारण कीमतें 30 अप्रैल को ही एडजस्ट कर दी गई थीं।
अभी इन चारों नई कंपनियों के शेयरों की वैल्यू प्राइस डिस्कवरी के दौर में है यानी इनकी वास्तविक कीमत तय होना बाकी है। निवेशक फिलहाल इन नई कंपनियों में सीधे ट्रेडिंग नहीं कर सकते। लेकिन वेदांता के शेयरों में कारोबार जारी है। डी-मर्जर के बाद वेदांता के शेयर की कीमत में बदलाव देखा गया है और निवेशकों में इन नई कंपनियों को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।
ब्रोकरेज फर्म नुवामा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इन कंपनियों की लिस्टिंग की सटीक तारीख अभी तय नहीं है, लेकिन यह कुछ हफ्तों से लेकर कुछ महीनों तक हो सकती है। हाल की रिपोर्ट के अनुसार वेदांता के शेयर में तेजी देखने को मिली है और यह 306 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। नुवामा ने वेदांता के लिए 336 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। जबकि अलग-अलग नई कंपनियों के लिए भी अलग वैल्यू अनुमानित की गई है।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।