(Apple AirTag/ Image Credit: Apple)
Apple AirTag: Apple AirTag एक छोटा और हल्का ट्रैकिंग डिवाइस है। जिसे चाबी, बैग, वॉलेट या किसी भी जरूरी सामान के साथ लगाया जा सकता है। इसे iPhone या iPad से कनेक्ट करने के बाद यह बैकग्राउंड में काम करता रहता है और आपके सामान की लोकेशन ट्रैक करने में मदद करता है। इसका डिजाइन छोटा है। लेकिन इसका उपयोग बहुत बड़ा है।
नई पीढ़ी के AirTag में डिजाइन तो पहले जैसा ही रखा गया है। लेकिन अंदर की तकनीक को अपग्रेड किया गया है। इसकी ट्रैकिंग रेंज लगभग 50% तक बढ़ा दी गई है। जिससे दूर की लोकेशन भी आसानी से मिल जाती है। इसमें नया Ultra-Wideband (UWB) चिप दिया गया है जो ज्यादा सटीक दिशा और दूरी बताता है। अब इसे Apple Watch से भी ट्रैक किया जा सकता है।
AirTag खुद सीधे लंबी दूरी तक सिग्नल नहीं भेजता। यह आसपास मौजूद लाखों Apple डिवाइस के नेटवर्क का इस्तेमाल करता है। जब AirTag सिग्नल भेजता है तो पास का कोई iPhone या iPad उसे पकड़कर उसकी लोकेशन Apple के Find My नेटवर्क पर भेज देता है। इसी वजह से दूर होने पर भी इसकी लोकेशन पता चल जाता है।
अगर सामान पास में है तो AirTag से आवाज निकालकर उसे आसानी से ढूंढा जा सकता है। दूर होने पर Find My ऐप मैप पर उसकी लोकेशन दिखाता है। iPhone 11 या उससे नए मॉडल में दिशा भी दिखाई देती है। जिससे यूजर सीधे अपने खोए हुए सामान तक पहुंच सकता है। नया स्पीकर ज्यादा तेज आवाज करता है। जिससे शोर में भी इसे ढूंढना आसान हो जाता है।
Apple ने AirTag में प्राइवेसी का खास ध्यान रखा है। यदि कोई अनजान AirTag आपके साथ चलता है तो iPhone पर अलर्ट आ जाता है। इसे स्कैन करके बंद भी किया जा सकता है। इसमें छोटी CR2032 बैटरी लगती है जो लगभग एक साल तक चलती है और बदलना आसान है। यह डिवाइस यात्रियों और भूलने वालों के लिए काफी मददगार साबित होता है।