UPI Autopay Payment: UPI यूजर्स के लिए बड़ी राहत! अब नहीं छूटेगा कोई भी जरूरी भुगतान, इस नई सुविधा से एक ही जगह दिखेंगे सभी ऑटोपे

UPI Autopay Payment: ऑटोपे का उपयोग ईएमआई, बीमा प्रीमियम, एसआईपी, मोबाइल और बिजली बिल तथा ओटीटी सब्सक्रिप्शन जैसे नियमित भुगतान के लिए होता है। अब नए बदलाव के बाद यूजर्स को अपने सभी ऑटोपे की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर आसानी से मिल सकेगी। जिससे भुगतान ट्रैक करना और मैनेज करना सरल हो जाएगा।

UPI Autopay Payment: UPI यूजर्स के लिए बड़ी राहत! अब नहीं छूटेगा कोई भी जरूरी भुगतान, इस नई सुविधा से एक ही जगह दिखेंगे सभी ऑटोपे

(UPI Autopay Payment/ Image Credit: Paytm)

Modified Date: June 24, 2026 / 10:48 am IST
Published Date: June 24, 2026 10:46 am IST
HIGHLIGHTS
  • NPCI UPI ऑटोपे के लिए नया एकीकृत ट्रैकिंग सिस्टम ला रहा है
  • सभी यूपीआई ऐप्स के ऑटोपे एक ही जगह दिखेंगे
  • ईएमआई, बिल, SIP और सब्सक्रिप्शन आसान तरीके से ट्रैक होंगे

नई दिल्ली: UPI Autopay Payment: यूपीआई से भुगतान करने वाले लोगों के लिए जल्द ही एक नई सुविधा मिलने वाली है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) एक ऐसा सिस्टम तैयार कर रहा है। जिसमें ग्राहक अपने सभी यूपीआई ऑटोपे (ई-मैंडेट) को एक ही जगह पर देख सकेंगे। इसका मतलब है कि चाहे ऑटोप किसी भी यूपीआई ऐप से सेट किया गया हो। उसकी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी।

अभी कैसे काम करता है सिस्टम

वर्तमान में अगर किसी व्यक्ति ने अलग-अलग यूपीआई ऐप्स पर बिजली बिल, पानी बिल, ईएमआई या ओटीटी सब्सक्रिप्शन के लिए ऑटोपे सेट किए हैं तो उसे हर ऐप में जाकर अलग-अलग स्टेटस चेक करना पड़ता है। यह प्रक्रिया काफी उलझन वाली हो जाती है। इसी परेशानी को दूर करने के लिए एनपीसीआई यह नया फीचर लाने की तैयारी कर रहा है।

नए फीचर से क्या फायदा मिलेगा?

नई सुविधा शुरू होने के बाद यूजर्स को अपने सभी ऑटोपे एक ही जगह पर दिखाई देंगे। वे आसानी से देख सकेंगे कि कौन सा भुगतान एक्टिव है और किस ऐप से पैसे कट रहे हैं। जरूरत पड़ने पर यूजर इन्हें दूसरे यूपीआई ऐप में भी ट्रांसफर कर सकेंगे। इससे वित्तीय मैनेजमेंट आसान होगा और गलती से होने वाले डबल पेमेंट या फेल ट्रांजैक्शन की समस्या कम हो जाएगी।

बदलाव के बावजूद कुछ सीमाएं रहेंगी

हालांकि सभी ऑटोपे एक जगह दिखेंगे लेकिन किसी भी सब्सक्रिप्शन में बदलाव या उसे बंद करने के लिए यूजर को उसी यूपीआई ऐप पर जाना होगा, जहां से ऑटोपे शुरू किया गया था। यानी देखने और ट्रैक करने की सुविधा एक जगह होगी लेकिन एडिट या कैंसिल करने का काम मूल ऐप से ही किया जाएगा। इससे सिस्टम की सुरक्षा और नियंत्रण बनाए रखा जाएगा।

ऑटोपे का बढ़ता उपयोग

आजकल यूपीआई ऑटोपे का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ईएमआई, बीमा, म्यूचुअल फंड एसआईपी, मोबाइल बिल, बिजली बिल और ओटीटी सब्सक्रिप्शन जैसे कई भुगतान इसके जरिए किए जाते हैं। बढ़ते उपयोग के कारण कई लोग अपने सभी ऑटोपे भूल जाते हैं या बैलेंस की कमी से भुगतान फेल हो जाते हैं। एनपीसीआई का मानना है कि यह नया फीचर यूजर्स को बेहतर कंट्रोल और आसान ट्रैकिंग की सुविधा देगा। जिससे उनकी वित्तीय स्थिति ज्यादा व्यवस्थित रहेगी।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।