ठाणे में नाबालिग से यौन उत्पीड़न के दोषी को तीन साल की सजा
ठाणे में नाबालिग से यौन उत्पीड़न के दोषी को तीन साल की सजा
ठाणे, 16 सितंबर (भाषा) ठाणे शहर की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने बुधवार को 16 वर्षीय लड़की का सड़क पर यौन उत्पीड़न करने और उसकी गरिमा भंग करने के मामले में 20 वर्षीय व्यक्ति को दोषी ठहराया तथा तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने पीड़िता की गवाही को स्पष्ट और विश्वसनीय पाया।
अदालत ने आरोपी को अच्छे आचरण के आधार पर रिहा करने की उसकी याचिका खारिज करते हुए कहा कि उसके कृत्यों से नाबालिग के मन में भय और असुरक्षा पैदा हुई तथा उसकी गरिमा भंग हुई।
विशेष न्यायाधीश प्रेमल विठ्ठलानी ने आरोपी साईनाथ उर्फ कालू सुरेश वाघे (घटना के समय 20 वर्ष) को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धारा सात के तहत यौन उत्पीड़न के अपराध के लिए, धारा आठ के तहत दंडनीय, तीन साल के कठोर कारावास और 3,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
अदालत ने 2019 के इस मामले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 341 के तहत गलत तरीके से रोकने के अपराध में एक महीने के साधारण कारावास और 500 रुपये के जुर्माने की सजा भी सुनाई। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
हालांकि, अदालत ने आरोपी को आईपीसी की धारा 504 (जानबूझकर अपमान) और पॉक्सो अधिनियम की धारा 12 (यौन उत्पीड़न) के आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि शारीरिक संपर्क साबित हुआ है, इसलिए यह अपराध पॉक्सो अधिनियम की धारा आठ के तहत यौन उत्पीड़न में शामिल हो जाता है और इसे अलग से यौन उत्पीड़न के अपराध के रूप में नहीं माना जा सकता।
विशेष लोक अभियोजक रेखा हिवराले ने अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की।
अभियोजन के अनुसार, घटना 17 फरवरी 2019 को ठाणे शहर में हुई थी। 16 वर्षीय लड़की अपने चचेरे भाई के घर जा रही थी, तभी स्कूटर सवार आरोपी ने उसका रास्ता रोक दिया।
करीब आधे घंटे बाद जब वह घर लौट रही थी, आरोपी ने उसे फिर रोक लिया, उसका हाथ पकड़ा, उसके करीब आया और उसके साथ दुर्व्यवहार की।
अभियोजन के मुताबिक, लड़की के मदद के लिए चिल्लाने पर दो लोगों ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद आरोपी वहां से भाग गया।
बचाव पक्ष की ओर से शिनाख्त परेड (टीआईपी) नहीं कराए जाने की दलील पर न्यायाधीश विठ्ठलानी ने कहा कि खुली अदालत में की गई पहचान वैध और ठोस साक्ष्य बनी रहती है।
अदालत ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों से आईपीसी की धारा 354 के तहत महिला की गरिमा भंग करने और पॉक्सो अधिनियम की धारा सात के तहत यौन उत्पीड़न के अपराध साबित होते हैं।
भाषा राखी माधव
माधव
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Web Title: ठाणे में नाबालिग से यौन उत्पीड़न के दोषी को तीन साल की सजा
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