स्टालिन बने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री, राज्यपाल ने दिलाई शपथ, ‘गांधी’ और ‘नेहरू’ भी कैबिनेट में शामिल

Ads

स्टालिन बने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री, राज्यपाल ने दिलाई शपथ, 'गांधी' और 'नेहरू' भी कैबिनेट में शामिल

  •  
  • Publish Date - May 7, 2021 / 05:16 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:56 PM IST

तमिलनाडु। डीएमके प्रमुख एम.के.स्टालिन ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने एम.के.स्टालिन को शपथ दिलाई।

पढ़ें- 18+ वालों के वैक्सीनेशन में आरक्षण का केस, प्रदेश स…

डीएमके ने अकेले 133 सीटें हासिल करते हुए सत्ता पर कब्जा जमाया, जिसके बाद एम. के. स्टालिन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ भी ले ली है। सीएम स्टालिन की अगुवाई में 34 सदस्यों वाले नए कैबिनेट का ऐलान हुआ है। दिलचस्प यह है कि अब तमिलनाडु मंत्रिमंडल में ‘स्टालिन’ के साथ ‘गांधी’ और ‘नेहरू’ भी होंगे।

पढे़ं- AP स्ट्रेन को रोकने जगदलपुर में हाई अलर्ट, 23 मई तक…

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले स्टालिन का पूरा नाम मुथुवेल करुणानिधि स्टालिन है। सोवियत यूनियन के प्रसिद्ध नेता जोसेफ स्टालिन के नाम पर उनका नाम रखा गया था। करुणानिधि ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था, जिनकी मौत के बाद 28 अगस्त 2018 को स्टालिन DMK के अध्यक्ष बन गए थे।

पढ़ें- NSUI के प्रदर्शन का आज अंतिम दिन, BJP सांसदों और वि…

DMK चीफ स्टालिन की अगुवाई में शुक्रवार को तमिलनाडु के राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह हुआ। राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने मंत्रियों की सूची अप्रूव कर दी है। पहली बार मुख्यमंत्री बने स्टालिन ने के. एन. नेहरू का नाम निकाय प्रशासन मंत्री, जबकि आर. गांधी का नाम हैंडलूम एंड टेक्सटाइल्स, खादी एवं ग्रामीण इंडस्ट्री बोर्ड के तौर पर प्रस्तावित किया है।

पढ़ें- राजधानी में आज भी बारिश के आसार, कई इलाकों में गरज-…

के. एन. नेहरू डीएमके के पुराने और कद्दावर नेता हैं। 1989 में पहली बार चुनाव जीतने वाले नेहरू तिरूचि वेस्ट सीट से लगातार मैदान में उतरते हैं। उनके पिता ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम पर नामकरण किया था। वहीं आर. गांधी रानीपेट सीट से विधायक चुने जाते रहे हैं। वह 1996 में पहली बार चुनाव जीतकर आए थे।