किसी हकीम ने बताया है कि ..किसान आंदोलन खत्म होगा तो देश से कोरोना खत्म हो जाएगा-टिकैत

किसी हकीम ने बताया है कि ..किसान आंदोलन खत्म होगा तो देश से कोरोना खत्म हो जाएगा-टिकैत

किसी हकीम ने बताया है कि ..किसान आंदोलन खत्म होगा तो देश से कोरोना खत्म हो जाएगा-टिकैत
Modified Date: November 29, 2022 / 08:03 pm IST
Published Date: April 21, 2021 11:10 am IST

नई दिल्ली। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। टिकैत ने कहा है कि देश में ऑक्सीजन की कमी हो रही है तो किसान आंदोलन को इसका जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। टिकैत ने कहा कि किसानों ने किसी भी आवश्यक आपूर्ति को नहीं रोका है।

पढ़ें- लॉकडाउन में भी खुली शराब दुकान! शराब लेने उमड़ पड़ी लोगों की ​भीड़, कोरोना गाइडलाइन की उड़ी धज्जियां

ये आरोप गलत हैं, हाईवे खुले हैं। यहां से पूरी आपूर्ति हो रही है। ये समझ में नहीं आ रहा कि गैस कंपनियों ने किसके कहने से आरोप लगाया। ऑक्सीजन गैस निर्माताओं के यह कहना है कि किसान आंदोलन की वजह से ऑक्सीजन की आपूर्ति में देरी हो रही है।

पढ़ें- इतिहास में आज: 21 अप्रैल के ही दिन भारत में पड़ी थी…

देशभर में कोरोनावायरस के केसों के तेजी से बढ़ने के बीच अब किसान आंदोलन पर सवाल खड़े होने लगे हैं। दरअसल, दिल्ली से सटे कई बॉर्डरों पर अब तक किसान डेरा डालकर बैठे हैं। ऐसे में आंदोलनकारियों के बीच भी संक्रमित होने का खतरा बढ़ता जा रहा है।

पढ़ें- मध्यप्रदेश में भी 18+ वालों को फ्री में लगेगा कोरोन…

दूसरी तरफ दिल्ली में लॉकडाउन के बावजूद बड़ी संख्या में किसानों के एक-साथ रहने से कोरोना गाइडलाइंस भी टूट रही हैं। इसे लेकर जब हाल ही में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत से सवाल किए गए, तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए कहा कि क्या किसी हकीम ने बताया है कि किसान आंदोलन खत्म होगा तो देश से कोरोना खत्म हो जाएगा।

पढ़ें- छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय ई-पंचायत पुरस्कारों में दूसर…

जब टिकैत से पूछा गया कि कोरोना के बढ़ते केसों के बीच किसान आंदोलन खत्म कर देना चाहिए, तो उन्होंने झुंझलाते हुए कहा, “क्यों किसी हकीम ने बताया कि आंदोलन खत्म हो जाएगा, तो देश से कोरोना का केस खत्म हो जाएगा।

पढ़ें- नक्सलियों पर एयर स्ट्राइक ! सुरक्षाबलों ने हेलीकॉप्…

देश में बीमारियां आ रही हैं, तो आंदोलन का बीमारी से क्या मतलब? दिल्ली के नजदीक हैं, अगर ये गांव में जाएंगे अगर वहां बीमार होंगे, तो दिल्ली आने में टाइम लगेगा। अब यहां पर पट्ठे बीमार होंगे, तो कम से कम अस्पताल तो नजदीक है। मैक्स वाले ने कह रखा है कि किसान जो बैठा है, उसका इलाज मुफ्त में करेंगे।”

 


लेखक के बारे में