गाजियाबाद (उप्र), तीन जून (भाषा) गाजियाबाद जिले में बिना इजाजत संचालित किए जाने के आरोप में दो मदरसों को सील करने के बाद इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह जानकारी अधिकारियों ने बुधवार को दी।
पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में स्थित ये मदरसे कथित तौर पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की मंजूरी और वैध पंजीकरण के बिना चलाए जा रहे थे।
यह कार्रवाई खोड़ा के ही रहने वाले 17 वर्षीय सूर्या चौहान की गत 28 में को हुई हत्या के मामले के बाद की गई है। मामले का आरोपी असद 30/31 मई की दरमियानी रात को पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया था।
पुलिस उपायुक्त (ट्रांस हिंडन) धवल जायसवाल ने बताया कि खोड़ा थानाक्षेत्र में अवैध संपत्तियों का सत्यापन कार्य चल रहा था, जिसके बाद मंगलवार को दो मदरसों को सील कर दिया गया।
उन्होंने कहा, ‘इस मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि ये मदरसे अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की अनुमति और वैध पंजीकरण के बिना चलाए जा रहे थे।’
पुलिस सूत्रों ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता और बिजली अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
उन्होंने बताया कि मामला जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के कार्यालय द्वारा दी गई एक लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है।
सूत्रों ने बताया कि शिकायत में आरोप लगाया गया था कि खोड़ा गांव के पॉपुलर विहार इलाके में स्थित मदरसा रमनिया अरनिया कासिमुल उलूम को मौलवी इमाम मोहम्मद दानिश और मौलवी साजिद बिना मान्यता के संचालित कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि शिकायत में कहा गया था कि यह मदरसा न तो अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के साथ पंजीकृत था और न ही इसे संचालित करने के लिए कोई मंजूरी प्राप्त थी।
सूत्रों के मुताबिक शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया था कि प्रबंधन मदरसा चलाने वाली सोसाइटी का वैध पंजीकरण प्रमाण पत्र पेश करने में विफल रहा और उसने अग्निशमन विभाग तथा विद्युत सुरक्षा विभाग से ‘अनापत्ति प्रमाण पत्र’ भी प्राप्त नहीं किये थे।
भाषा सलीम मनीषा अमित
अमित