मेरठ (उप्र), 11 जनवरी (भाषा) बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे कथित अत्याचारों के विरोध में आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार को उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान पार्टी ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
मेरठ में हुए प्रदर्शन में आप कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश में मंदिरों पर हमले, हिंदुओं की हत्याएं, महिलाओं और बच्चों के साथ हिंसा तथा कथित पलायन का मुद्दा उठाया।
पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं के बावजूद केंद्र सरकार की ओर से कोई ठोस कूटनीतिक पहल नहीं की जा रही है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता सोमेंद्र ढाका ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है और भारत सरकार की चुप्पी हालात को और गंभीर बना रही है। उन्होंने कहा कि यह केवल विदेश नीति की विफलता नहीं, बल्कि मानवाधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
पार्टी के जिलाध्यक्ष अंकुश चौधरी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की चुप्पी जानबूझकर अपनाई गई नीति है और इसके पीछे कॉरपोरेट हित जुड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि देश को किसी निजी व्यापारिक लाभ के लिए गिरवी नहीं रखा जा सकता और हिंदुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है।
आप ने जिला प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में मांग की कि हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित होने तक भारत-बांग्लादेश के व्यापारिक और कूटनीतिक संबंधों पर रोक लगाई जाए, बिजली और डीजल आपूर्ति पर पुनर्विचार किया जाए तथा इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से उठाया जाए।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस की सख्ती के कारण कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति भी बनी। पार्टी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का प्रयास बताते हुए आलोचना की। प्रदर्शन में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।
भाषा सं. सलीम पवनेश रंजन
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