SP and AIMIM Alliance UP Election: ओवैसी और अखिलेश यादव के बीच होगा चुनावी गठबंधन!.. भाजपा बोली, ‘ये कौन बनेगा बड़ा भाईजान की लड़ाई’..

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की पेशकश की है। भाजपा ने इस प्रस्ताव को वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है।

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  • Publish Date - July 26, 2026 / 03:51 PM IST,
    Updated On - July 26, 2026 / 03:51 PM IST

SP and AIMIM Alliance for UP Election 2027 || Image- AI Generated File

HIGHLIGHTS
  • ओवैसी ने सपा को गठबंधन का खुला प्रस्ताव दिया।
  • भाजपा ने वोट बैंक राजनीति का आरोप लगाया।
  • 2027 चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल।

मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले देश के सबसे बड़ी सूबे उत्तर प्रदेश में नया सियासी हलचल देखने को मिल रहा है। (SP and AIMIM Alliance for UP Election 2027) एआईएमआईएम यानी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को गठबंधन का खुला प्रस्ताव भेजा है। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा को सत्ता में आने से रोकना है, तो अभी बातचीत का सही समय है।

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‘बाद में पछताना मत’ : असदुद्दीन ओवैसी

मुरादाबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी नहीं चाहती कि उत्तर प्रदेश में भाजपा फिर सरकार बनाए। उन्होंने कहा कि वह समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। ओवैसी ने कहा, “आज बातचीत करने का समय है। चुनाव खत्म होने के बाद पछताने से कोई फायदा नहीं होगा। अगर आपको लगता है कि AIMIM अलग चुनाव लड़ने से आपका नुकसान होता है, तो मैं आपके साथ मिलकर चुनाव लड़ने को तैयार हूं।”

‘हम बराबरी की लड़ाई लड़ रहे हैं’

ओवैसी ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी धर्म के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सम्मान, बराबरी और न्याय की बात करती है। (SP and AIMIM Alliance for UP Election 2027) उन्होंने कहा, “हम किसी के खिलाफ नहीं हैं। हम अपने अधिकार और न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। अगर अखिलेश यादव बातचीत के लिए बुलाएंगे तो हम बराबरी और अधिकारों के मुद्दे पर चर्चा करेंगे।”

भाजपा ने साधा जोरदार निशाना

ओवैसी के इस प्रपोजल पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे ‘वोट बैंक की राजनीति’ बताया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और असदुद्दीन ओवैसी तुष्टिकरण की राजनीति में एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश करते रहे हैं। दोनों के बीच ‘कौन बनेगा बड़ा भाईजान’ की जंग है, अब दोनों साथ आने की बात कर रहे हैं। उन्होंने दोनों नेताओं को “एक ही सिक्के के दो पहलू” बताया।

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लोकसभा में मिली कामयाबी दोहराने की कोशिश में सपा

बता दें कि अगले साल यानी 2027 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने जा रहा है। यहां समाजवादी पार्टी पिछले 10 सालों से सत्ता से बाहर है। फिलहाल उन्होंने पिछले दो चुनाव कांग्रेस के साथ गठबंधन कर लड़ा था, हालाँकि दोनों ही दफे उन्हें बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा। (SP and AIMIM Alliance for UP Election 2027) 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस ने शानदार वापसी की थी और बड़े पैमाने पर लोसकभा सीटें जीती थी। ऐसे में अखिलेश यादव को विस चुनावों में लोकसभा का प्रदर्शन दोहराने की उम्मीद है।

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ओवैसी ने समाजवादी पार्टी को क्या प्रस्ताव दिया है?

उत्तर: उन्होंने भाजपा को रोकने के लिए समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ने की पेशकश की है।

भाजपा ने इस प्रस्ताव पर क्या प्रतिक्रिया दी?

उत्तर: भाजपा ने इसे वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति बताते हुए दोनों दलों पर निशाना साधा।

यह राजनीतिक घटनाक्रम किस चुनाव से जुड़ा है?

उत्तर: यह 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जुड़ा है।