आगरा(उप्र),22 अक्टूबर(भाषा) आगरा के ट्रांस यमुना थाना में दर्ज मुकदमे से कथित तौर पर अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की धाराएं हटाए जाने के मामले में एक दरोगा को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस प्रवक्ता ने रविवार को यह जानकारी दी। प्रवक्ता ने बताया कि थाना क्षेत्र की रहने वाली एक युवती 17 जून 2023 को लापता हो गई थी। उन्होंने बताया कि 12 जुलाई को युवती की मां ने ट्रांस यमुना थाना में कोचिंग संचालक सहित तीन लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 366 (अपहरण) के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई। प्रवक्ता के मुताबिक प्राथमिकी दर्ज कराने के तीन दिन बाद युवती घर लौट आई और बताया कि उसे अगवा कर लिया गया था। उन्होंने बताया कि पीड़िता की मां ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत युवती का बयान दर्ज कराने का अनुरोध किया, लेकिन कई बार अनुरोध करने के बाद अंतत: चार सितंबर को युवती का बयान दर्ज कराया गया। प्रवक्ता के मुताबिक पीड़िता के बयान के बाद प्राथमिकी में 376 डी (सामूहिक दुष्कर्म) की धारा जोड़ी गई और मामले में एक और आरोपी को नामजद किया गया। उन्होंने बताया कि इस मामले में छह अक्टूबर को आरोप पत्र दाखिल किया गया जिसमें अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की धारा हटा दी गई थी। प्रवक्ता ने बताया कि आरोप पत्र में आरोपी पर जानलेवा हमला और गाली गलौज की धारा लगाई गई और तर्क दिया गया कि युवक और युवती में झगड़ा हुआ था और ‘डायल 112’ पर सूचना दी गई थी। उन्होंने बताया कि धारा हटाने को लेकर विवेचनाधिकारी ने कोई ठोस आधार नहीं दिया। प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले में एसीपी (छत्ता) आर.के सिंह ने विवेचक और थानाध्यक्ष के खिलाफ डीसीपी (सिटी) को गोपनीय रिपोर्ट दी। उन्होंने बताया कि डीसीपी (सिटी)सूरज राय ने उप निरीक्षक शिव मंगल को निलंबित कर दिया है और दोनों (विवेचक और थानाध्यक्ष) के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश दिए हैं। भाषा सं.
धीरजधीरज