भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के जरिये कृषि क्षेत्र के लिये संकट पैदा कर रही भाजपा सरकार : अखिलेश यादव
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के जरिये कृषि क्षेत्र के लिये संकट पैदा कर रही भाजपा सरकार : अखिलेश यादव
लखनऊ, 11 फरवरी (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को भारत के किसानों और गरीबों के लिये नुकसानदेह बताते हुए बुधवार को कहा कि सबसे दुख की बात यह है कि सरकार सबसे ज्यादा आबादी को रोजी-रोटी देने वाले कृषि क्षेत्र के लिये संकट पैदा कर रही है।
यादव ने यहां उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये विधानमंडल में प्रस्तुत बजट पर प्रतिक्रिया देने के लिये बुलायी गयी प्रेस वार्ता में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को देश के किसानों और गरीबों के लिये घातक बताया।
उन्होंने कहा, ”अमेरिका से व्यापार समझौते के बाद हमारी अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ी चोट और सबसे पहले चोट अगर किसी को लगने जा रही है तो हमारे किसानों और गरीबों को लगने जा रही है। यह सबसे दुख की बात है भारत में सबसे ज्यादा आबादी जिस खेती पर निर्भर है, सरकार उसी पर संकट पैदा कर रही है।”
यादव ने एक सवाल के जवाब में कहा, ”जो खबरें सुनने को मिल रही हैं उनके अनुसार बड़े पैमाने पर कृषि उत्पाद भारत में भेजे जाएंगे। अगर हम अमेरिका को 500 अरब डॉलर का कारोबार देंगे तो ‘मेक इन इंडिया’ का क्या होगा? हमारा कृषि क्षेत्र, जिस पर 60 से 70 प्रतिशत गरीब आबादी निर्भर करती है, उसका क्या होगा।”
उन्होंने कहा कि इस सरकार को हटाने के लिए ‘वोट की चोट’ देने के साथ-साथ सड़क पर आना होगा तथा इसके अलावा और कोई रास्ता नहीं है।
सपा प्रमुख ने पूछा कि आखिर सरकार इस बात को स्पष्ट क्यों नहीं कर रही कि कौन-कौन से उत्पाद भारत के बाजार में लाये जाएंगे।
अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करके भारत मां को बेच देने के कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के आरोप के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में सपा प्रमुख ने कहा, ”यह बहुत गंभीर बात इसलिए भी है कि अमेरिका से संबंध भी हों और हम अपना बाजार भी उनके हवाले ना करें। हमने बहुत बड़े पैमाने पर चीन को अपना बाजार दे दिया। भाजपा ने हमारी पूरी विदेश नीति उलझाकर रख दी है। आज हमने पूरा बाजार किसी और के हाथ में दे दिया इसलिए भारत को किस दिशा में जाना है, यह भारत की जनता को सोचना पड़ेगा। मैं फिर कहता हूं कि जो रास्ता समाजवादियों ने दिखाया है वही रास्ता देश को खुशहाली तक लेकर जाएगा।”
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट पेश किये जाने के बाद अपनी प्रेस वार्ता में कुटीर, लघु एवं मंझोले उद्योगों (एमएसएमई) को लेकर बड़ी-बड़ी बातें कही हैं।
यादव ने कहा, “अमेरिका के साथ नये व्यापार समझौते के बाद किसानों के बाद सबसे ज्यादा प्रभाव एमएसएमई पर पड़ेगा। सरकार आखिर उनकी मदद किस तरह से करने जा रही है? उत्तर प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां हैं। इनमें से 82 लाख तो पंजीकृत ही नहीं है। इसका मतलब यह है कि सरकारी योजनाएं वहां तक पहुंच ही नहीं सकती हैं।”
यादव ने कहा कि अमेरिका से व्यापार समझौते के पीछे भारतीय नेतृत्व पर क्या दबाव है, वह तो अलग विषय है लेकिन अर्थव्यवस्था से खिलवाड़ करना और जनता को भावनात्मक नारों और बातों से जोड़ देना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट के सौंदर्यीकरण के नाम पर किये गये ध्वस्तीकरण कार्य का जिक्र करते हुए दावा किया, ”कहने को तो वे (भाजपा) खुद को सनातनी कहते हैं लेकिन राजमाता अहिल्याबाई की मूर्ति को तोड़ने का काम किसी ने किया तो भाजपा के लोगों ने ही किया। नेपाल नरेश ने जो घंटा उपहार में दिया था, उत्तर प्रदेश सरकार ने वह घंटा भी चोरी करवा दिया। वहां पर एक वटवृक्ष था जो पौराणिक था, सिर्फ अपना नाम बनाने के लिए भाजपा सरकार ने उस पौराणिक वृक्ष को भी काट कर फेंक दिया।”
वाराणसी के दाल मंडी इलाके में प्रशासन द्वारा किए जा रहे ध्वस्तीकरण कार्य से संबंधित एक सवाल पर यादव ने कहा, ”दाल मंडी केवल वोट के लिए तोड़ी जा रही है। उसे सिर्फ सांप्रदायिक राजनीति के लिए तोड़ा जा रहा है।”
उन्होंने कहा, ”जानबूझकर सांप्रदायिक माहौल बनाने के लिए दाल मंडी को तोड़ा जा रहा है। वहां के लोगों को हटाया जा रहा है। जो अधिकारी यह काम कर रहे हैं, मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदते हैं वह खुद ही उसमें गिरते हैं। हमारे धर्म में भी है कि जो पाप करेगा उसे उसका फल जरुर मिलेगा।”
यादव ने कहा, ”भाजपा ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का अपमान किया। क्या यही सनातनियों की परिभाषा है? जिसने शंकराचार्य को त्रिवेणी पर जाने से रोका हो वह कभी सनातनी नहीं हो सकता।”
मुख्यमंत्री की ‘कयामत’ संबंधी टिप्पणी के बारे में पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री को कोई भी चीज दे दो वह उसे खराब कर देंगे।
भाषा सलीम नोमान
नोमान

Facebook


