‘चुंगीजीवियों’ को पैसा वसूलने का यह तरीका बंद करना चाहिए: यूपीआई विवाद पर अखिलेश

‘चुंगीजीवियों’ को पैसा वसूलने का यह तरीका बंद करना चाहिए: यूपीआई विवाद पर अखिलेश

‘चुंगीजीवियों’ को पैसा वसूलने का यह तरीका बंद करना चाहिए: यूपीआई विवाद पर अखिलेश
Modified Date: September 17, 2026 / 03:49 pm IST
Published Date: September 17, 2026 3:49 pm IST

लखनऊ, 17 सितंबर (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को कुछ उच्च-मूल्य वाले यूपीआई लेनदेन पर ‘मर्चेंट डिस्काउंट रेट’ (एमडीआर) लगाए जाने के प्रस्ताव को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला और आरोप लगाया कि यह डिजिटल भुगतानों पर ‘चुंगी’ (कर) लगाने के बराबर है।

यहां एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए यादव ने कहा कि सरकार पहले भारत को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की बात करती थी, लेकिन अब वह लोगों के लेनदेन से कमाई करना चाहती है।

उन्होंने कहा,‘‘यही उनका एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का तरीका है। उन्होंने हमें एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का सपना दिखाया। आप कह रहे हैं कि वे ‘चुंगी’ (टोल वसूली) कर रहे हैं; उन्होंने चुंगी लगा दी है।’’

यादव ने कहा,‘‘पहले व्यापारियों के लिए चुंगी समाप्त की जाती थी। लेकिन अब ‘चुंगीजीवियों’ ने ऐसी चुंगी लगा दी है कि आपको कोई भी लेनदेन करने से पहले शुल्क का भुगतान करना होगा।’’

यादव ने आगे आरोप लगाया कि सरकार के पास महंगाई और भ्रष्टाचार का कोई जवाब नहीं है और दावा किया कि ‘यह सरकार जाने वाली है’।

अखिलेश ने आरोप लगाया कि यूपीआई को अब पैसे वसूलने का जरिया बना दिया गया है।

अखिलेश यादव ने कहा, ‘‘चुंगीजीवियों को पैसे वसूलने का यह तरीका बंद कर देना चाहिए।’’

इससे पहले ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यादव ने कहा, ‘‘भाजपा दूसरों की कमाई से कमाने की कोशिश में अब यूपीआई से किए गए पेमेंट पर भी शुल्क ले रही है-इस तरह कैसी ट्रिलियन-डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाई जा सकती है?’’

उन्होंने भाजपा को ‘चुंगीजीवी’ बताया और आरोप लगाया कि वह ‘पेमेंट गेटवे’ से भी पैसे वसूल रही है।

भाषा चंदन जफर मनीषा संतोष

संतोष


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