लखनऊ, चार जून (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने राज्य सरकार को उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग में लंबे समय से रिक्त चल रहे अध्यक्ष और सदस्यों के पदों को चार माह के भीतर भरने के आदेश दिये हैं।
न्यायमूर्ति शेखर बी. साराफ तथा न्यायमूर्ति ए के चौधरी की पीठ ने दो जून को ‘ह्यूमन यूनिटी मूवमेंट’ की जनहित याचिका का निस्तारण करते हुए यह आदेश दिया।
याचिका में कहा गया था कि नवंबर 2024 से उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग में न तो अध्यक्ष हैं और न ही कोई सदस्य कार्यरत है।
आयोग के सभी पद खाली होने के कारण यह पूरी तरह निष्क्रिय हो गया है, जिससे बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और उनसे संबंधित शिकायतों के निस्तारण का कार्य प्रभावित हो रहा है।
संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पीठ ने कहा कि बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए गठित आयोग का लंबे समय तक निष्क्रिय रहना उचित नहीं है।
पीठ ने कहा कि इसलिए राज्य सरकार इस विषय पर प्राथमिकता के आधार पर विचार करे और आयोग में अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति शीघ्र सुनिश्चित करे।
भाषा सं जफर
राजकुमार
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