रायपुर। CG News: राजधानी रायपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में गुरुवार को एचआईवी/एड्स एवं एचआईवी-एड्स (रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम-2017 विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। आयुक्त सह परियोजना संचालक एवं अतिरिक्त परियोजना संचालक डॉ. खेमराज सोनवानी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के 38 सीएसआर प्रतिनिधियों के साथ श्रम एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए।
कार्यशाला में प्रभारी संयुक्त संचालक (आईईसी) ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रतिभागियों को एचआईवी-एड्स (रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम-2017 के विभिन्न प्रावधानों, अधिकारों एवं दायित्वों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एचआईवी जैसे संवेदनशील विषय पर जागरूकता बढ़ाने और इससे जुड़े सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने में उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस दौरान उद्योगों से समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने, एचआईवी जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने तथा कर्मचारियों और श्रमिकों के बीच स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के व्यापक प्रसार में सहयोग करने की अपील की गई। साथ ही कॉर्पोरेट एचआईवी नीति के प्रभावी क्रियान्वयन एवं उद्योगों के लिए अनुशंसित कार्ययोजना के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यशाला में प्रवासी श्रमिकों को एचआईवी एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। प्रतिभागियों को 1097 टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर तथा ब्रेकफ्री इंडिया अभियान के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने उद्योगों में शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त करने और सीएसआर प्रतिनिधियों से एचआईवी जागरूकता एवं रोकथाम के लिए कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने का आग्रह किया। कार्यशाला के दौरान विभिन्न उद्योगों के सीएसआर प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव और सुझाव साझा किए तथा एचआईवी जागरूकता और रोकथाम संबंधी गतिविधियों में सक्रिय सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि एचआईवी संक्रमण की रोकथाम, जागरूकता और प्रभावित व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकारी प्रयासों के साथ-साथ उद्योगों की सहभागिता भी बेहद आवश्यक है। कार्यशाला का उद्देश्य उद्योगों को इस दिशा में अधिक संवेदनशील और सक्रिय बनाना रहा।