उप्र: इंडियन पीपुल्स फ्रंट ने निर्वाचन आयोग को लेकर उठ रहे सवालों की स्वतंत्र जांच की मांग की

उप्र: इंडियन पीपुल्स फ्रंट ने निर्वाचन आयोग को लेकर उठ रहे सवालों की स्वतंत्र जांच की मांग की

उप्र: इंडियन पीपुल्स फ्रंट ने निर्वाचन आयोग को लेकर उठ रहे सवालों की स्वतंत्र जांच की मांग की
Modified Date: September 27, 2026 / 07:55 pm IST
Published Date: September 27, 2026 7:55 pm IST

लखनऊ, 27 सितंबर (भाषा) इंडियन पीपुल्स फ्रंट (आईपीएफ) ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), ईसीआई नेट के संचालन और अन्य मुद्दों को लेकर उठ रहे सवालों की स्वतंत्र जांच की मांग की।

फ्रंट ने अपनी मांगों को लेकर तीन अक्टूबर से प्रदेश के विभिन्न जिलों में तीन दिवसीय अनशन शुरू करने की घोषणा भी की।

फ्रंट के अध्यक्ष शेखर दीक्षित ने यहां जारी एक बयान में कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं तथा मतदाता सूची का शुद्ध व अद्यतन होना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में किसी भी पात्र भारतीय नागरिक को तकनीकी, प्रशासनिक अथवा प्रक्रियात्मक कारणों से मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

दीक्षित ने कहा कि हाल में जिस तरह से निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठे हैं, वे निश्चित रूप से गंभीर हैं और देश की चुनाव प्रणाली में आम जनता का विश्वास बना रहे, इसके लिए इन सवालों की निष्पक्ष जांच कराना जरूरी है। दीक्षित ने उच्चतम न्यायालय से इस मामले का स्वत: संज्ञान लेने का भी आग्रह किया।

उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया का स्वतंत्र और पारदर्शी ऑडिट कराने की मांग करते हुए कहा कि एक भी पात्र नागरिक तकनीकी, प्रशासनिक या प्रक्रियात्मक त्रुटि के कारण अपने मतदान के अधिकार से वंचित नहीं होना चाहिए।

दीक्षित ने कहा कि आईपीएफ अपनी मांगों के समर्थन में तीन अक्टूबर से प्रदेश के विभिन्न जिलों में तीन दिवसीय उपवास कार्यक्रम शुरू करेगा।

उन्होंने कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन शुरू किया जाएगा।

भाषा सलीम जितेंद्र

जितेंद्र


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