बरेली में प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली पालन का पता चला, 200 किलोग्राम नष्ट
बरेली में प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली पालन का पता चला, 200 किलोग्राम नष्ट
बरेली (उप्र) 11 सितंबर (भाषा) मत्स्य विभाग एवं जिला प्रशासन की एक संयुक्त टीम ने बरेली जिले के एक तालाब में प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली के पालन का पता लगाया और लगभग 200 किलोग्राम मछली नष्ट कर दी । अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि मीरगंज तहसील के रैया नगला गांव में औचक निरीक्षण के दौरान यह कार्रवाई की गई, जिसमें टीम को लगभग 2.5 बीघा क्षेत्र में फैले एक तालाब में इस प्रतिबंधित प्रजाति का पालन होता मिला।
उन्होंने बताया कि चंद बाबू नामक व्यक्ति के इस तालाब में लगभग 200 किलोग्राम थाई मांगुर (क्लेरियस गैरीपिनस) पाई गई, जिनमें प्रत्येक मछली का वजन 250 से 300 ग्राम के बीच था।
सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन और पुलिस बल की सहायता से मौके पर ही मछली नष्ट कर दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि चंद बाबू को भविष्य में इस प्रतिबंधित प्रजाति का पालन न करने की चेतावनी दी गई और कहा गया कि यदि वह फिर ऐसा करते पाए गए तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मत्स्य विभाग ने ज़िले के लोगों से अपील की कि वे थाई मांगुर का पालन, बिक्री, परिवहन या सेवन न करें। विभाग ने इसे एक आक्रामक मांसाहारी प्रजाति बताया, जो जलाशयों में स्थानीय मछलियों और अन्य जलीय जीवों के लिए खतरा पैदा कर सकती है।
अफ्रीकन कैटफ़िश का भारत में पालन प्रतिबंधित है। इसे आमतौर पर थाई मांगुर कहा जाता है ।
भाषा सं जफर
रंजन
रंजन

Facebook


