लखनऊ/नयी दिल्ली, 15 मार्च (भाषा) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार से पार्टी संस्थापक कांशीराम को ‘भारत रत्न’ देने में अधिक विलंब ना करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर को ‘भारत रत्न’ नहीं देने की कांग्रेस की गलती को न दोहराये।
वहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर कांशीराम को ‘भारत रत्न’ सम्मान देने की गुजारिश की।
मायावती ने बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती पर लखनऊ में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार से काशीराम को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने में विलंब ना करने की मांग की।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने संविधान निर्माता बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर को भारत रत्न से सम्मानित नहीं करने की गलती की थी और वर्तमान में केन्द्र की भाजपा /राजग सरकार भी बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम जी को भारतरत्न से सम्मानित करने में देरी ना करे क्योंकि देश में संविधान की मंशा के अनुसार समतामूलक समाज तैयार करने के मामले में उनका योगदान ऐतिहासिक है और इस कारण वह भी लोगों के दिलों में बसते हैं।”
मायावती ने अपने शासनकाल में कांशीराम के नाम पर बनाए गए ‘मान्यवर श्री कांशीराम उर्दू, अरबी, फारसी विश्वविद्यालय’ का नाम पूर्ववर्ती अखिलेश यादव सरकार और वर्तमान में भाजपा नीत सरकार द्वारा बदले जाने की भी आलोचना की तथा कहा कि ऐसी संकीर्ण, जातिवादी, साम्प्रदायिक व द्वेषपूर्ण मानसिकता रखने वाली पार्टियों व इनकी सरकारों से ‘बहुजन समाज’ का वास्तविक हित व कल्याण की आशा करना ‘रेगिस्तान में पानी तलाशने’ जैसा असंभव है।
वहीं नयी दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बसपा के संस्थापक कांशीराम को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित करने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि इससे उन लाखों लोगों की आकांक्षाओं का सम्मान होगा, जो कांशीराम को सशक्तीकरण और आशा के प्रतीक के रूप में देखते हैं।
राहुल ने मोदी को लिखे पत्र में कहा कि कांशीराम ने भारतीय राजनीति का स्वरूप बदल दिया और अपने आंदोलनों के माध्यम से बहुजनों व गरीबों में राजनीतिक जागरूकता उत्पन्न की।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पत्र में कहा, “आज (रविवार को) जब हम कांशीरामजी की जयंती मना रहे हैं और उनकी विरासत व योगदान पर विचार कर रहे हैं, तो मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया जाए।”
उन्होंने कहा, “कांशीराम जी ने भारतीय राजनीति का स्वरूप बदल दिया। अपने आंदोलनों के माध्यम से उन्होंने बहुजनों और गरीबों में राजनीतिक जागरूकता बढ़ाई। उन्होंने उन्हें याद दिलाया कि उनका मत, उनकी आवाज और उनका प्रतिनिधित्व महत्वपूर्ण है और यह देश सभी का समान रूप से है।”
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, “कई साल से दलित बुद्धिजीवी, नेता और कार्यकर्ता कांशीराम जी को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग करते आ रहे हैं। उनकी यह मांग निरंतर और गहरी भावना से भरी रही है। हाल ही में, मैंने लखनऊ में एक कार्यक्रम में भाग लिया, जहां उपस्थित नेताओं और प्रतिभागियों ने इस मांग को दृढ़ता से दोहराया, जो एक व्यापक भावना को दर्शाता है।”
राहुल ने कहा कि कांशीराम को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित करना देश के प्रति उनके अपार योगदान को मान्यता देगा।
भाषा सलीम जितेंद्र
जितेंद्र