उच्च न्यायालय ने ओबीसी पैनल के गठन में देरी पर उप्र के एक शीर्ष अधिकारी को अवमानना ​नोटिस जारी किया

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उच्च न्यायालय ने ओबीसी पैनल के गठन में देरी पर उप्र के एक शीर्ष अधिकारी को अवमानना ​नोटिस जारी किया

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  • Publish Date - May 1, 2026 / 12:31 AM IST,
    Updated On - May 1, 2026 / 12:31 AM IST

लखनऊ, 30 अप्रैल (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आयोग के गठन की समयसीमा पर स्पष्टीकरण मांगते हुए पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार को अवमानना नोटिस जारी किया है।

न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की पीठ ने याचिकाकर्ता एमएल यादव द्वारा दायर अवमानना याचिका पर आदेश पारित किया और सुनवाई की अगली तारीख 19 मई तय की।

याचिका के अनुसार, राज्य के वकील द्वारा यह आश्वासन दिए जाने के बाद कि सरकार ओबीसी आयोग के गठन की प्रक्रिया में है, उच्च न्यायालय ने चार फरवरी, 2026 को एक पिछली याचिका का निपटारा कर दिया था। हालांकि, याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि अदालत के समक्ष दिए गए आश्वासन के विपरीत, अभी तक आयोग का गठन नहीं किया गया है।

इस पर गौर करते हुए, पीठ ने प्रथम दृष्टया पाया कि पहले दिए गए वचन के बावजूद आयोग का गठन नहीं किया गया है, जो अदालत को राज्य के आश्वासन के संभावित उल्लंघन का संकेत देता है।

याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि ओबीसी आयोग के गठन में देरी के कारण आगामी पंचायत चुनावों की प्रक्रिया बाधित हो रही है, क्योंकि पैनल की रिपोर्ट के आधार पर ओबीसी के लिए आरक्षण निर्धारित किया जाता है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब उत्तर प्रदेश में पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है, जबकि आवश्यक आयोग का गठन अभी तक नहीं किया गया है। भाषा सं जफर शोभना

शोभना