Jabalpur Bargi Dam News: नाव में पानी घुस रहा था…”बरगी हादसे में 23 लोग बचाए गए, लेकिन कई दास्तां रह गई अधूरी, ये कहानी को सुनकर नहीं रोक पाएंगे अपने आंसू

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Jabalpur Bargi Dam News: हादसे के समय मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी विकास ने पूरी घटना का दर्दनाक विवरण साझा किया, जिससे पता चलता है कि हालात कितनी तेजी से बेकाबू हो गए थे।

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  • Publish Date - May 1, 2026 / 03:08 PM IST,
    Updated On - May 1, 2026 / 03:08 PM IST

bargi news/ image soruce: ibc24

Jabalpur Bargi Dam News: जबलपुर: जबलपुर के बरगी डैम में हुए क्रूज़ हादसे के बाद स्थानीय नाव चालकों और प्रशासन की मदद से तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। अब तक करीब 23 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। हादसे के समय मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी विकास ने पूरी घटना का दर्दनाक विवरण साझा किया, जिससे पता चलता है कि हालात कितनी तेजी से बेकाबू हो गए थे।

विकास ने क्या बताया ?

विकास ने बताया कि शाम करीब 5:30 से 5:45 के बीच अचानक तेज आंधी और तूफान आ गया था। इसी दौरान नर्मदा नदी में तेज लहरें उठीं, जिससे क्रूज़ में पानी भरने लगा और वह असंतुलित होकर पलट गया। उनके अनुसार उन्होंने पहले ही यह महसूस कर लिया था कि नाव में पानी घुस रहा है और स्थिति बिगड़ रही है। उन्होंने तुरंत लोगों को सचेत किया और गेट के पास खड़े होकर यात्रियों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की। कई लोगों को उन्होंने खुद लाइफ जैकेट पहनाकर ऊपर की ओर भेजा। विकास ने बताया कि उनके साथ कुल 7 लोग थे, जिनमें से 5 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन 2 लोग केबिन के अंदर ही फंस गए और उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद घाट पर मौजूद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि इतनी तेज मौसमीय बदलाव के बावजूद क्रूज़ संचालन कैसे जारी रहा।

जबलपुर के बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज़ हादसे में अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं। रेस्क्यू टीमों ने SDRF, NDRF की मदद से लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया हुआ है। सामने आई सबसे दिल दहला देने वाली तस्वीरों में एक माँ और बेटे के आपस में लिपटे शव मिले हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। अब तक मिले मृतकों में 8 महिलाएं और 1 बच्चा शामिल है, जबकि कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

मौत के बाद भी मां ने गले से लगाया रहा मासूम बच्चे को

इस हादसे में सबसे दिल दहला देने वाला दृश्य तब सामने आया जब बचाव दल को एक महिला का शव मिला, जो अपने बच्चे को अंतिम क्षणों तक कसकर थामे हुए थी। गोताखोरों के अनुसार, यह दृश्य इतना भावुक था कि अनुभवी रेस्क्यू कर्मी भी स्तब्ध रह गए। शुरुआत में शव को निकालना कठिन लग रहा था, लेकिन जब ध्यान से देखा गया तो पाया गया कि महिला ने अपने बच्चे को मजबूती से अपनी बाहों में जकड़ रखा था और दोनों एक-दूसरे से अलग नहीं हो पा रहे थे। यह मंजर हादसे की भयावहता और उस पल की मानवीय पीड़ा को बयां करता है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं।

पानी में जिंदगी और मौत के बीच किया संघर्ष

Jabalpur Cruise Accident बता दें कि इस हादसे में 72 साल के रियाज हुसैन ने अपनी जान बचा ली है। उन्होंने बताया कि डूबते क्रूज के भीतर गर्दन तक पानी में करीब चार घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष किया। रियाज ने बताया कि वो अपने परिवार के साथ घुमने निकले थे। लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह यात्रा जिंदगी का खौफनाक यात्रा होगा। जैसे ही क्रूज में पानी भरना शुरू हुआ, रियाज ने खुद को संभाला। उन्होंने बताया कि कुछ ही मिनटों में पानी उनकी गर्दन तक पहुंच गया। सांसें चल रही थीं, लेकिन हर पल मौत सामने खड़ी नजर आ रही थी।

बता दें कि सैयद रियाज हुसैन जबलपुर के सिविल लाइन इलाके के रहने वाले हैं। वह परिवार के साथ क्रूज की सवारी का आनंद लेने गए थे। सैयद तो बच गए, मगर उनके परिजन अभी भी लापता हैं। उनकी तलाश की जा रही है।

कैसे हुआ हादसा?

जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम को नाव र्यटकों को घुमाने के लिए डैम में निकली थी। इसी दौरान अचानक तेज आंधी तूफान चलने लगी। जिससे क्रूज ने अपना संतुलन खो दिया और अनियंत्रित होकर बांध में पलट गया। बताया जा रहा है कि क्रूज में 35 से अधिक पर्यटक सवार थे। हादसे के बाद बांध अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना रेस्क्यू टीम को दी। इस दौरान कई लोगों ने तैरकर अपनी जान बचा ली। हादसे के तत्काल बाद राहत और बचाव अभियान चलाया गया। अब तक 22 लोगों का रेस्क्यू हो चुका है। वहीं अब तक 12 लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में बच्चों की संख्या ज्यादा है।

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