मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये का फसल मुआवजा प्रदान किया

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये का फसल मुआवजा प्रदान किया

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  • Publish Date - February 21, 2026 / 05:26 PM IST,
    Updated On - February 21, 2026 / 05:26 PM IST

लखनऊ, 21 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को 2.51 लाख से अधिक किसानों को फसल मुआवजे के रूप में 285 करोड़ रुपये प्रदान किए और कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न अनिश्चितताओं से बचाया जाए।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत सहायता वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो किसान अपनी फसलों का बीमा कराते हैं, वे आपदाओं से होने वाले नुकसान की स्थिति में वित्तीय सहायता के हकदार हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘राज्य के 2.51 लाख किसान परिवारों को फसल क्षति मुआवजे के रूप में 285 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है। फसल बीमा यह सुनिश्चित करता है कि किसानों को विपत्ति के समय में आर्थिक सहायता मिले। यह राशि हमारे ‘अन्नदाता’ के लिए एक सहारा है।’’

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को चेक वितरित किए तथा कल्याणकारी योजनाओं और समय पर वित्तीय सहायता के माध्यम से किसानों के हितों की रक्षा के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, फसल बीमा मुआवजे के अलावा, आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 3,500 लाभार्थी परिवारों को 175 करोड़ रुपये भी बांटे, जिसके तहत किसान या उसके परिवार के किसी पात्र सदस्य की अचानक मौत होने पर पांच लाख रुपये दिए जाते हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस योजना के तहत अब तक 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की राशि वितरित की जा चुकी है।

बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बागपत, शामली, कासगंज, भदोही में उप कृषि निदेशक कार्यालय व मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं, झांसी में एक छात्रावास भवन तथा लखनऊ में ‘स्मार्ट कृषि ब्यूरो स्टूडियो’ इकाई का शिलान्यास भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी व आजमगढ़ में ‘डॉप्लर वेदर राडार’ की स्थापना होने जा रही है जिससे मौसम का पूर्वानुमान लगाने के साथ ही यह भी बता सकेंगे कि कहां पर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है।

भाषा चंदन जफर आनन्द

शफीक

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