उप्र: अदालत ने स्कूलों के आसपास यातायात प्रबंधन पर राज्य सरकार से रुख स्पष्ट करने को कहा

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उप्र: अदालत ने स्कूलों के आसपास यातायात प्रबंधन पर राज्य सरकार से रुख स्पष्ट करने को कहा

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  • Publish Date - February 20, 2026 / 11:01 PM IST,
    Updated On - February 20, 2026 / 11:01 PM IST

लखनऊ, 20 फरवरी (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा कि क्या राज्य एजेंसियां नए स्कूलों के निर्माण की अनुमति देते समय यातायात नियंत्रण प्रबंधन की भी जांच करती हैं।

न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति बी.आर. सिंह की खंडपीठ ने राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिया कि वह इस संभावना पर विचार करे कि क्या स्कूलों के आसपास यातायात नियंत्रण प्रबंधन की जिम्मेदारी संबंधित संस्थानों को सौंपी जा सकती है।

पीठ ने अगली सुनवाई की तारीख 10 मार्च तय की है।

यह आदेश गोमती रिवर बैंक रेजिडेंट्स एसोसिएशन की ओर से दायर जनहित याचिका पर आया।

दो न्यायाधीशों की पीठ शहर के प्रमुख स्कूलों के आसपास यातायात संबंधी खतरों के मुद्दे पर नजर रख रही है।

स्कूलों को यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपने के सुझाव पर अदालत ने राज्य को लखनऊ विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, नगर निगम, आवास बोर्ड और जिला प्रशासन से परामर्श कर इसकी व्यवहार्यता का आकलन करने को कहा।

सुनवाई के दौरान यातायात पुलिस ने सुझाव दिया कि 1,500 से अधिक छात्रों वाले स्कूलों को अपने परिसर के आसपास ट्रैफिक नियंत्रित करने के लिए मार्शल तैनात करने का निर्देश दिया जा सकता है।

अदालत को बताया गया कि यातायात पुलिस ऐसे मार्शलों को प्रशिक्षण देने के लिए भी तैयार है।

भाषा सं आनन्द

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