उप्र : रक्षा औद्योगिक गलियारे के चित्रकूट खंड को मिली रफ्तार, बीईएल को 75 हेक्टेयर भूमि आवंटित

Ads

उप्र : रक्षा औद्योगिक गलियारे के चित्रकूट खंड को मिली रफ्तार, बीईएल को 75 हेक्टेयर भूमि आवंटित

  •  
  • Publish Date - April 8, 2026 / 01:45 PM IST,
    Updated On - April 8, 2026 / 01:45 PM IST

लखनऊ, आठ अप्रैल (भाषा) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारे के चित्रकूट खंड में 75 हेक्टेयर भूमि का आवंटन पत्र भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मनोज जैन को सौंपा।

इस पहल को ‘चित्रकूट डिफेंस नोड’ के व्यवस्थित एवं चरणबद्ध विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण संस्थागत कदम माना जा रहा है, जो प्रदेश में रक्षा विनिर्माण अवसंरचना को सुदृढ़ करने के साथ-साथ बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक आधार के विस्तार को नई गति प्रदान करेगी।

राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह पहल उत्तर प्रदेश को रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में एक सशक्त और विश्वसनीय पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, साथ ही बुंदेलखंड क्षेत्र के समग्र आर्थिक एवं औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगी।

उन्होंने कहा कि मध्य भारत में रणनीतिक रूप से स्थित चित्रकूट नोड अपनी उत्कृष्ट ‘लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी’ और भौगोलिक अनुकूलता के कारण रक्षा उत्पादन के लिए एक उभरता हुआ केंद्र बन रहा है, जो आने वाले समय में निवेश, रोजगार सृजन और उच्च-प्रौद्योगिकी आधारित औद्योगिक विकास का प्रमुख आधार सिद्ध होगा।

आदित्यनाथ ने कहा कि इस परियोजना के तहत भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा लगभग 562.5 करोड़ रुपये के निवेश से अत्याधुनिक राडार एवं वायु रक्षा प्रणालियों के निर्माण के लिये एक उन्नत विनिर्माण इकाई स्थापित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप 300 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है, वहीं सहायक एवं संबद्ध क्षेत्रों में अप्रत्यक्ष रूप से व्यापक स्तर पर रोजगार सृजन से स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खुलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगी, बल्कि तकनीकी रूप से दक्ष मानव संसाधन के विकास, अनुसंधान और नवाचार को भी संस्थागत रूप से प्रोत्साहित करेगी, जिससे प्रदेश में आधुनिक औद्योगिक परिवेशी तंत्र के निर्माण को बल मिलेगा।

भाषा सलीम मनीषा

मनीषा