लखनऊ, दो जुलाई (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने हाल ही में राजधानी के अलीगंज इलाके में एक इमारत में लगी भीषण आग में 15 लोगों के मारे जाने के मामले में बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) और राज्य विद्युत निगम से जवाब मांगा।
इसके अलावा अदालत ने अधिकारियों को भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने शिवेंदु पांडेय द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर यह आदेश पारित किया। मामले की अगली सुनवाई चार अगस्त को होगी।
लखनऊ के अलीगंज इलाके में गत 22 जून को तीन मंजिल की एक इमारत में आग लग गई थी, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गयी थी। इस घटना के बाद इमारतों में सुरक्षा के उपायों, आपातकालीन प्रतिक्रिया और भवन सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर चिंताएं पैदा हुई थीं।
याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में घटना की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग करते हुए निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उच्च न्यायालय द्वारा गठित एक समिति द्वारा जांच की निगरानी कराने के आदेश देने का अनुरोध किया था।
इस जनहित याचिका में केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, लखनऊ नगर निगम, लखनऊ विकास प्राधिकरण और अन्य संबंधित प्राधिकारियों को प्रतिवादी बनाया गया है।
भाषा सं. सलीम अमित
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