एआई से निगरानी, कड़ी सुरक्षा के बीच लाखों अभ्यर्थियों ने यूपी टीईटी की परीक्षा दी

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एआई से निगरानी, कड़ी सुरक्षा के बीच लाखों अभ्यर्थियों ने यूपी टीईटी की परीक्षा दी

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  • Publish Date - July 2, 2026 / 09:11 PM IST,
    Updated On - July 2, 2026 / 09:11 PM IST

लखनऊ, दो जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित निगरानी और त्रि-स्तरीय सुरक्षा के बीच बृहस्पतिवार को शुरू हुई उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) में पहले दिन लाखों अभ्यर्थी शामिल हुए।

लगभग चार साल के बाद हो रही यह परीक्षा पहली बार उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित की जा रही है। इसमें पहले दिन की परीक्षा में लाखों अभ्यर्थी शामिल हुए, मगर उनका आधिकारिक आंकड़ा अभी जारी नहीं किया गया है।

यह तीन दिवसीय परीक्षा दो जुलाई से चार जुलाई तक 60 जिलों के 955 केंद्रों पर पांच पालियों में आयोजित की जा रही है।

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने बताया कि परीक्षा के लिए 19,94,661 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है और पहली पाली की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, जिसमें लगभग 88 प्रतिशत अभ्यर्थी शामिल हुए।

कुमार ने कहा, “परीक्षा पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आयोजित की जा रही है। आयोग ने भर्ती प्रक्रिया की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत तंत्र विकसित किया है।”

उन्होंने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर एआई तकनीक से लैस कैमरे लगाए गए हैं और प्रयागराज में आयोग के मुख्यालय स्थित ‘इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ से उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।

कुमार ने कहा कि बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण सहित गहन जांच-पड़ताल के बाद ही उम्मीदवारों को परीक्षा हॉल में प्रवेश दिया जा रहा है, जबकि किसी अभ्यर्थी के स्थान पर दूसरे व्यक्ति को परीक्षा में बैठने से रोकने के लिए डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “आयोग पहले ही तीन परीक्षाएं आयोजित कर चुका है और उनमें से दो के परिणाम पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से घोषित कर चुका है। यूपी टीईटी के लिए भी उसी प्रणाली का पालन किया जा रहा है।”

लखनऊ में तीन दिनों के दौरान 46 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 76 हजार अभ्यर्थियों के इम्तेहान देने की उम्मीद है। जिलाधिकारी विशाख जी और संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) बबलू कुमार ने व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए राजकीय जुबली इंटर कॉलेज सहित कई केंद्रों का निरीक्षण किया।

बबलू कुमार ने बताया कि सभी केंद्रो पर एक उप-निरीक्षक की अगुवाई में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

वाराणसी में अपर जिलाधिकारी (नगर) राजेश कुमार ने बताया कि जिले के 68 केंद्रों पर परीक्षा के लिए 1,60,429 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है।

उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को सेक्टर मजिस्ट्रेट ने परीक्षा केंद्र अधीक्षक की मौजूदगी में प्रश्न-पत्र के पैकेट खुलवाए।

बरेली से मिली जानकारी के मुताबिक, कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता के काफिले की वजह से लगे लंबे यातायात जाम की वजह से वे समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच पाए, जिससे उनकी परीक्षा छूट गई।

जानकारी के अनुसार, कुछ अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि वे परीक्षा से लगभग डेढ़ घंटे पहले शहर पहुंच गए थे, लेकिन काफी देर तक जाम में फंसे रहने के कारण लगभग पांच किलोमीटर की दूरी तय करने में बहुत वक्त लग गया।

परीक्षा नहीं दे पाए अभ्यर्थियों ने पुलिस से शिकायत करते हुए जिला प्रशासन से दोबारा परीक्षा कराने की मांग की। हालांकि, इन अभ्यर्थियों के आरोपों पर तुरंत कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।

भाषा

सं. सलीम पारुल

पारुल